एंबुलेंस की आवाज सुन घबराए तस्कर, खेत में फंसी कार छोड़ी
शहडोल (मध्य प्रदेश) – शहडोल जिले के कुंदा टोला गांव में एक अनोखी घटना सामने आई है, जिसमें 300 किलोग्राम गांजा से लदी एक कार चालक तस्कर एंबुलेंस के सायरन को सुनकर घबरा गए और कीचड़ भरे खेत में कार छोड़कर भाग गए। मामला गुरुवार देर रात की है।
रास्ते में भटकते तस्करों की चाल बिगड़ी
जानकारी अनुसार, तस्कर ओडिशा से भारी मात्रा में गांजा लेकर छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश होते हुए उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे थे। उन्होंने मुख्य सड़क की बजाय ग्रामीण रास्ते अपनाए। जब एक एंबुलेंस वहां से गुजरी और उसका सायरन बजे, तो तस्कर इसे पुलिस की गाड़ी समझ बैठे। डरकर उन्होंने कार को सिधि‑बेओहरी मार्ग से लगभग 500 मीटर अंदर खेत में धक्का दिया, जहां कीचड़ इतनी गहरी थी कि गाड़ी धंस गई।
पूरी रात की कोशिश, फिर सुबह भाग निकले तस्कर
बारिश के कारण खेत की मिट्टी नरम थी। तस्करों ने रातभर गाड़ी निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। जैसे ही सुबह हुई और आसपास हलचल बढ़ी, वे खुद भी डर कर गाड़ी और गांजा वहीं छोड़कर फरार हो गए।
ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने की बरामदगी
सुबह ग्रामीणों ने ध्यान दिया कि एक संदिग्ध गाड़ी खेत में फंसी हुई है। उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और कार की डिक्की से लगभग 300 किलो गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹30 लाख बताई जा रही है। पोर्ट्रेट की तरह यह स्थान “बासुकली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र” के पास आता है, जहां से नियमित एम्बुलेंस गुजरती रही हैं।
SP का बयान — छापामारी और जांच जारी
SDOP/एसपी रामजी श्रीवास्तव ने बताया कि यह गांजे की तस्करी का रूट पुराना है और बार-बार इस्तेमाल होता रहा है। उन्होंने बताया,
“तस्कर अफरातफरी में खेत में गाड़ी छोड़ कर भाग गए, लेकिन उनकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें बनाई जा चुकी हैं। इलाके से सुराग जुटाने, CCTV फुटेज और ग्रामीणों के बयानों से जानकारी जुटाई जा रही है।”
अवैध तस्करी का बड़ा जाल, जंगल मार्ग भी जांच में
पुलिस यह मान रही हैं कि तस्करों ने बरामद गांजे को अन्य वाहनों से यूपी पहुंचाने की योजना बनाई थी। अब संभवत: गांव‑गांव, जंगल मार्ग और आसपास के रास्तों की भी रैकी की जा रही है। ग्रामीणों से पूछताछ भी हो रही है कि क्या किसी ने रात में शराबी या संदिग्ध आवाज सुनी थी।
निष्कर्ष:
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300 किलो गांजा बरामद हुआ है, लेकिन तस्कर फरार हैं।
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एंबुलेंस सायरन का डरने पर असर, जिससे दोषियों की एक बड़ी चाल फिसल गई।
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पुलिस ने विशेष टीमें बना दी हैं और घटना की गहन जांच शुरू की है।
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यह मामला मध्य प्रदेश—छत्तीसगढ़—उत्तर प्रदेश तस्करी नेटवर्क के खतरों को उजागर करता है।
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