उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना क्षेत्र में घटित एक दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। पत्नी की बेवफाई से आहत होकर एक मजदूर पिता ने अपने चार बच्चों के साथ यमुना नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना ने समाज में रिश्तों और जिम्मेदारी पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार दिन बाद पुलिस ने पत्नी खुशनुमा और उसके प्रेमी साबिर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। फिलहाल तीन बच्चों की तलाश अभी भी जारी है।
पत्नी की बेवफाई से टूटा सलमान, चार बच्चों के साथ दी जान
पुलिस के अनुसार, मृतक 38 वर्षीय सलमान, मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और पिछले कई वर्षों से शामली में रहकर मजदूरी कर रहा था। उसकी पत्नी खुशनुमा पिछले सात महीनों में पांच बार अपने प्रेमी साबिर के साथ घर से भाग चुकी थी। हर बार सलमान ने समाज और परिवार के दबाव में समझौता कर उसे घर वापस लाया। लेकिन इस बार उसका धैर्य जवाब दे गया।
3 अक्टूबर को सलमान ने अपनी बहन को एक वीडियो संदेश भेजा, जिसमें उसने कहा —
“हमारी मौत के लिए जिम्मेदार तेरी अम्मी और उसका प्रेमी है।”
इसके बाद वह अपने चार बच्चों के साथ यमुना नदी में कूद गया।
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप, चला सर्च ऑपरेशन
सलमान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कैराना पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
5 अक्टूबर को सलमान और उसकी बड़ी बेटी महक का शव बरामद किया गया, जबकि बाकी तीन बच्चों की तलाश अब भी जारी है।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि सलमान पत्नी की बेवफाई और मानसिक तनाव से बेहद टूट चुका था। उसने कई बार पत्नी को सुधारने की कोशिश की, लेकिन हर बार वह अपने प्रेमी के साथ भाग जाती थी।
प्रेमी साबिर और पत्नी खुशनुमा गिरफ्तार
घटना के चार दिन बाद पुलिस ने खुशनुमा और उसके प्रेमी साबिर को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान यह सामने आया कि दोनों के बीच पिछले लंबे समय से अवैध संबंध थे।
पुलिस ने दोनों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
पूछताछ में चौकाने वाला खुलासा: “बच्चों का दुख है, लेकिन पति के लिए नहीं”
पुलिस पूछताछ में खुशनुमा ने अपने चार बच्चों की मौत पर दुख जताया, लेकिन पति सलमान की मौत पर कोई पछतावा नहीं दिखाया।
उसने कहा, “बच्चों की मौत का दुख है, लेकिन सलमान ने जो किया, वह उसकी गलती थी।”
वहीं, साबिर ने शुरू में खुशनुमा से संबंधों से इनकार किया, लेकिन पुलिस द्वारा पेश किए गए कॉल रिकॉर्ड और अन्य सबूतों के सामने उसने अपना जुर्म कबूल लिया।
स्थानीय लोग बोले — परिवार की अनदेखी बनी त्रासदी का कारण
स्थानीय लोगों का कहना है कि सलमान पिछले कुछ महीनों से मानसिक रूप से परेशान था और उसने कई बार पंचायत में पत्नी के खिलाफ शिकायत की थी। लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
परिणामस्वरूप उसने यह चरम कदम उठाया, जिससे न सिर्फ उसका परिवार उजड़ गया, बल्कि पूरा मोहल्ला शोक में डूब गया।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
कैराना थाना प्रभारी ने बताया कि खुशनुमा और साबिर के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
तीन बच्चों की तलाश के लिए NDRF और गोताखोर टीम लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
पुलिस ने बताया कि घटना से संबंधित और भी सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं ताकि न्यायिक प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके।
निष्कर्ष
शामली का यह आत्महत्या कांड मानव संवेदनाओं को झकझोर देने वाला है। एक पिता ने बेवफाई और टूटे विश्वास के बोझ तले अपने मासूम बच्चों संग जान दे दी।
अब सवाल यह है कि क्या सामाजिक व्यवस्था और पारिवारिक रिश्तों की मजबूती ऐसे हादसों को रोक सकती है?
पुलिस की कार्रवाई जारी है, लेकिन इस घटना ने हर उस व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया है जो रिश्तों की मर्यादा को हल्के में लेता है।

