बावरिया गैंग की दहशत का अंत
उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। झिंझाना थाना क्षेत्र के बिडोली जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान बावरिया गिरोह का कुख्यात सरगना और सवा लाख रुपये का इनामी अपराधी मिथुन ढेर कर दिया गया। लंबे समय से वेस्ट यूपी से तमिलनाडु तक दहशत फैलाने वाला यह बदमाश कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।
वारदात की तैयारी में जुटा गिरोह, पुलिस ने किया घेराव
शामली एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि वेदखेड़ी–मंसूरा मार्ग पर बावरिया गिरोह किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में है। सूचना मिलते ही झिंझाना पुलिस और एसओजी (Special Operation Group) की टीम मौके पर पहुंची।
जैसे ही बदमाशों ने पुलिस टीम को देखा, उन्होंने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सवा लाख का इनामी मिथुन मारा गया, जबकि उसका साथी राहुल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
एसओजी का हेड कांस्टेबल घायल, थाना प्रभारी बाल-बाल बचे
मुठभेड़ के दौरान दोनों ओर से हुई गोलीबारी में एसओजी के हेड कांस्टेबल हरविंदर के पैर में गोली लगी। उन्हें ऊन सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
वहीं झिंझाना थाना प्रभारी वीरेंद्र कसाना की जैकेट में भी गोली लगी, लेकिन वह जैकेट को भेदकर शरीर तक नहीं पहुंची, जिससे उनकी जान बच गई।
हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद
पुलिस ने मारे गए बदमाश के पास से—
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एक कार्बाइन,
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एक मेड इन इटली पिस्टल,
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कई जिंदा कारतूस
बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक, ये हथियार गिरोह द्वारा किए जाने वाले आपराधिक वारदातों में इस्तेमाल किए जाते थे।
20 से अधिक आपराधिक मुकदमे, कई राज्यों में फैला रखा था खौफ
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मिथुन के खिलाफ—
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हत्या,
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लूट,
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डकैती,
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हत्या के प्रयास
जैसे 20 से अधिक मुकदमे दर्ज थे।
वह 2017 में झिंझाना में हुए भारत कुमार हत्याकांड और कांवड़ यात्रा के दौरान बागपत में महिला से लूट की वारदात में भी शामिल रहा था।
जांच में यह भी सामने आया कि वह अपराध करने के बाद—
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पंजाब,
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साउथ दिल्ली,
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जयपुर,
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तमिलनाडु,
जैसे स्थानों पर जाकर छिप जाता था और वहीं नए गिरोह के सदस्य बनाता था।
वेस्ट यूपी से तमिलनाडु तक फैली हुई थी दहशत
मिथुन पर पहला मुकदमा मारपीट का दर्ज हुआ था, लेकिन देखते ही देखते वह कुख्यात अपराधी बन गया।
दिल्ली, पंजाब, शामली, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और दक्षिण भारत के तमिलनाडु तक उसने कई वारदातें कीं।
पुलिस के अनुसार, उसका मकसद कई राज्यों में अपना आतंक फैलाना था। उसके गिरोह के कई सदस्य अभी भी सक्रिय बताए जा रहे हैं।
पुलिस ने फरार साथी की तलाश तेज की
मुठभेड़ के दौरान फरार हुआ आरोपी राहुल अब पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने जंगलों और आसपास के क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।
एसपी ने बताया कि गिरोह के बाकी सदस्यों की धरपकड़ के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
निष्कर्ष
बावरिया गैंग का कुख्यात चेहरा मिथुन के ढेर होने से शामली और आसपास के जिलों में राहत की सांस ली जा रही है।
पुलिस का मानना है कि इस एनकाउंटर से इस गिरोह की कमर टूट जाएगी और क्षेत्र में अपराध पर रोक लगेगी।
फिलहाल पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों को पकड़ने में जुटी हुई है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
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