शोहरयोग उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियों को सपना बना दिया। 30 वर्षीय विजय वर्मा, अपनी पत्नी सुनीता, बहन मंगलवती, भांजी नीतू, ज्ञानवती, और अपने एक वर्षीय बेटे के साथ बाइक पर सवार होकर वापस घर जा रहा था। अचानक ट्रैक्टर‑मिक्सर ने बाइक को पीछे से टक्कर मार दी।
हादसे में पांच की मौत, एक गंभीर रूप से घायल
-
विजय वर्मा (30)
-
मंगलवती (40) — बहन
-
नीतू (19) — भांजी
-
ज्ञानवती (9) — अन्य भांजी
-
बेटा (1 वर्ष)
ये सभी स्थान पर ही मौके पर ही मृत घोषित कर दिए गए। सुनीता (विजय की पत्नी) गंभीर रूप से घायल थीं। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भिनगा ले जाया गया, जहां फिलहाल उनका इलाज चल रहा है—डॉक्टर उनकी हालत नाज़ुक बता रहे हैं।
हादसा कब और कहाँ हुआ?
-
यह दर्दनाक सड़क दुर्घटना हरदत्तनगर गिरंट थाना क्षेत्र के रहमतु गांव मोड़ के पास हुई।
-
पिता-पुत्र यात्रा रक्षाबंधन के समारोह से लौट रहे थे। वे शंकरपुर से नवाबगंज की ओर जा रहे थे कि पीछे से आ रहा भारी वाहन टक्कर मार गया।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
-
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक तुरंत अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
-
ट्रैक्टर-मिक्सर को कब्जे में लिया गया, और चालक की तलाश की जा रही है। मामले में पोस्टमार्टम प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
-
हादसे की जांच अधिकारियों द्वारा गहराई से की जा रही है।
इलाके में पसरा शोक, परिवार बर्बाद
इस हादसे ने पूरे कस्बे को स्तब्ध कर दिया है। रक्षाबंधन का त्योहार खुशियों से भरा होना था, लेकिन इस हादसे ने सब कुछ छीन लिया। एक ही बाइक पर छह सवार होना, और ओवरलोडिंग की वजह से एक मामूली चूक से अंतर जिंदगी और मौत के बीच बेमियादी दूरी का बन गया।
जरूरत: सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग रोक
अपर पुलिस अधीक्षक मुकेश चंद्र उत्तम ने लोगों से अपील की कि वे:
-
यात्रा के दौरान ओवरलोडिंग से बचें
-
यातायात नियमों का पालन करें
-
सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता दें.
यह घटना यह संदेश देती है कि सड़क हादसों में छोटी सी लापरवाही भी दुःखद परिणाम ला सकती है।
निष्कर्ष
श्रावस्ती का यह हादसा एक पूरी पीढ़ी का उजड़ जाना है—छोटे मासूम से लेकर योग्यता संपन्न परिवार तक, सब कुछ एक पल में बिखर गया। कानून, प्रशासन और समाज सबकी साझा जिम्मेदारी बनती है कि ऐसी दुर्घटनाओं से कैसे बचा जाए, और कैसे सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो।

