सुंदरगढ़ हिंसा, ओडिशा इंटरनेट बंद, दो समुदायों में तनाव जैसे अहम मुद्दों के बीच ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले से तनावपूर्ण स्थिति सामने आई है। संदिग्ध मांस को लेकर फैली अफवाह के बाद दो समुदायों के बीच झड़प हो गई, जिसके चलते प्रशासन को सख्त कदम उठाने पड़े।
अफवाह से भड़की हिंसा, इलाके में तोड़फोड़
गुरुवार को सुंदरगढ़ शहर के रीजेंट मार्केट और मुख्य बाजार इलाके में उस समय तनाव फैल गया, जब एक घर में संदिग्ध मांस होने की खबर फैल गई। देखते ही देखते एक समुदाय की उग्र भीड़ ने नारी कल्याण केंद्र के पास स्थित एक घर में तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान एक पिकअप वैन को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि एक कार और एक स्कूटी को भी नुकसान पहुंचा।
स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब पुलिस के मौके पर पहुंचते ही अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। इससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में दहशत फैल गई।
स्थिति नियंत्रित करने के लिए धारा 163 लागू
बिगड़ती कानून-व्यवस्था को देखते हुए जिला प्रशासन ने तुरंत सख्त कदम उठाए। सुंदरगढ़ के जिलापाल शुभंकर मोहपात्रा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई है।
फिलहाल शहर के संवेदनशील इलाकों में 10 प्लाटून पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित
अफवाहों और भड़काऊ संदेशों को फैलने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने गुरुवार शाम 6 बजे से पूरे सुंदरगढ़ शहर में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। प्रशासन का मानना है कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के जरिए गलत सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
जिलापाल ने साफ कहा है कि शांति भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का बयान: हालात नियंत्रण में
डीआईजी ब्रजेश राय के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीपीओ भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शुरुआत में दोनों पक्षों से बातचीत के जरिए स्थिति संभालने की कोशिश की गई, लेकिन अचानक हिंसा भड़क उठी।
पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को काबू में लिया गया। फिलहाल मुख्य बाजार और आसपास के इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है।
शांति समिति की बैठक, अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के लिए शांति समिति की बैठक बुलाने का फैसला किया है। इसमें दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों, स्थानीय नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।
जिला प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और शांति बनाए रखें। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है।
स्थिति पर नजर, जल्द सामान्य होने की उम्मीद
फिलहाल सुंदरगढ़ शहर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस बल की तैनाती और इंटरनेट बंदी के चलते हालात पर नियंत्रण रखा जा रहा है। प्रशासन को उम्मीद है कि सख्त सुरक्षा उपायों और आपसी संवाद से जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।

