संभल पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड का खुलासा किया है। यह गैंग “जंबो 365” नाम की वेबसाइट के जरिए देशभर में ऑनलाइन गेमिंग का धंधा चला रहा था। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
400 रुपये दिहाड़ी वाला मजदूर बना करोड़ों के घोटाले का शिकार
चंदौसी के संभल गेट निवासी दीनदयाल मजदूरी करके रोज़ 300–400 रुपये कमाते हैं। हाल ही में उन्हें तब झटका लगा जब उनके बैंक खाते में 1.70 करोड़ रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ। दीनदयाल को कर्नाटक की अदालत से 91,206 रुपये की रिकवरी नोटिस मिला, जिसके बाद वह बैंक पहुंचे। बैंक ने उनका खाता फ्रीज कर दिया और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस ने ऐसे खोला पूरा रैकेट
दीनदयाल की शिकायत पर एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने साइबर सेल और सर्विलांस टीम को जांच का आदेश दिया।
जांच में सबसे पहले बैंक के रिकवरी एजेंट ऋषिपाल यादव और अमित वार्ष्णेय को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पूरा नेटवर्क सामने आया।
इसके बाद पुलिस ने नेपाल के पुष्कर सारकी, हरियाणा के इंगत कोहली और पंजाब के पवन कुमार को भी पकड़ा। इस रैकेट का संचालन दिल्ली से जय कक्कड़ और आदित्य गुप्ता कर रहे थे, जो शालीमार बाग से फ्रेंचाइजी का काम देखते थे।
“जंबो 365” वेबसाइट से सालाना करोड़ों की कमाई
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गैंग “जंबो 365” वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन गेमिंग चलाता था।
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देशभर में 500 से ज्यादा फ्रेंचाइजी थीं।
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हर साल लगभग 7–8 करोड़ रुपये की कमाई होती थी।
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जमा की गई रकम को हवाला नेटवर्क के जरिए दुबई भेजा जाता था।
गैंग को लगातार नए बैंक खातों की ज़रूरत रहती थी, ताकि शिकायत होने पर पुराने खाते बंद होने के बावजूद धंधा चलता रहे।
बरामदगी और सबूत
गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने
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3 लैपटॉप
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21 मोबाइल फोन
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183 चेक बुक
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कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस
बरामद किए हैं।
पीड़ित मजदूर का दर्द
दीनदयाल ने कहा,
“मैं मजदूरी करके परिवार पालता हूं। कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे नाम से करोड़ों का फ्रॉड हो जाएगा। कर्नाटक कोर्ट से नोटिस आने के बाद मेरी नींद उड़ गई। अब मैं ठगों के खिलाफ मुकदमा लड़ूंगा और सच सबके सामने लाऊंगा।”
पुलिस की सख्ती और अगली कार्रवाई
संभल पुलिस का कहना है कि यह एक बड़ा ऑनलाइन फ्रॉड रैकेट है, जिसकी जड़ें कई राज्यों और विदेशों तक फैली हुई हैं।
पुलिस आगे जांच कर रही है कि इस गैंग के साथ कितने लोग जुड़े हैं और अब तक कितने पीड़ित इनके जाल में फंसे हैं।
✅ निष्कर्ष
संभल में सामने आया यह ऑनलाइन गेमिंग घोटाला इस बात का सबूत है कि कैसे हवाला नेटवर्क और फर्जी फ्रेंचाइजी के जरिए आम लोगों के खाते का दुरुपयोग किया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई से कई और खुलासे होने की संभावना है।

