सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी का मामला
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में बुर्का पहनकर कांवड़ लाने और महाशिवरात्रि पर जलाभिषेक करने वाली तमन्ना मलिक को सोशल मीडिया पर जान से मारने और जिंदा जलाने की धमकियां मिलने का मामला सामने आया है। धमकियों से परेशान होकर तमन्ना ने अपने पति अमन त्यागी के साथ असमोली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हरिद्वार से लाई थीं कांवड़
जानकारी के अनुसार, संभल के बदनपुर बसई गांव की रहने वाली तमन्ना मलिक 14 फरवरी को अपने पति अमन त्यागी के साथ हरिद्वार से कांवड़ लेकर लौटी थीं। वह पूरे समय बुर्का पहने हुए थीं। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर उन्होंने संभल स्थित क्षेमनाथ तीर्थ में शिवलिंग पर गंगाजल, दूध और दही से जलाभिषेक किया।
इस दौरान तीर्थ के महंत बाल योगी दीनानाथ भी मौजूद रहे। जलाभिषेक के बाद महंत ने तमन्ना को आत्मरक्षा के लिए एक तलवार भेंट की थी। इस घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद उन्हें धमकियां मिलने लगीं।
सांसद के बयान पर भी दी प्रतिक्रिया
तमन्ना मलिक ने समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के हालिया बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास कई नेताओं से उठ चुका है और हर व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार पूजा-पाठ करने का अधिकार है।
परिवार को भी खतरे की आशंका
तमन्ना और उनके पति अमन त्यागी का कहना है कि पिछले तीन-चार दिनों से उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार धमकियां मिल रही हैं। कुछ लोगों ने उन्हें जान से मारने और जिंदा जलाने तक की धमकी दी है।
तमन्ना का कहना है कि इन धमकियों के कारण वह और उनका परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्हें अपने बच्चों की सुरक्षा की भी चिंता है। उन्होंने कहा कि अब आगे से मिलने वाली हर धमकी का सबूत इकट्ठा कर पुलिस को सौंपा जाएगा।
असमोली थाने में दर्ज हुई एफआईआर
तमन्ना मलिक और अमन त्यागी ने असमोली थाने पहुंचकर थाना प्रभारी मोहित चौधरी को लिखित शिकायत दी। शिकायत में उन्होंने सोशल मीडिया पर धमकी देने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देश पर असमोली थाना पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी ने बताया कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी जांच कर रही है, जहां से धमकियां दी गईं।
सोशल मीडिया पर बढ़ती कट्टरता पर सवाल
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया पर बढ़ती कट्टरता और नफरत भरे संदेशों को लेकर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी व्यक्ति को अपनी धार्मिक आस्था और परंपरा का पालन करने का संवैधानिक अधिकार है, बशर्ते वह कानून व्यवस्था को प्रभावित न करे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और धमकी देने वालों की पहचान करने का प्रयास जारी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।