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संभल हिंसा पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट: घटती हिंदू आबादी और दंगों का पूरा इतिहास उजागर

घटती हिंदू आबादी और दंगों का पूरा इतिहास उजागर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के संभल जिले में नवंबर 2024 में हुई हिंसा की जांच रिपोर्ट आखिरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप दी गई है। यह रिपोर्ट करीब 450 पन्नों की है, जिसमें न सिर्फ 24 नवंबर 2024 की हिंसा का विवरण दर्ज है, बल्कि जिले में पिछले सात दशकों में हुए दंगों, बदलती जनसांख्यिकी और स्थानीय परिस्थितियों का भी विस्तार से उल्लेख किया गया है।


24 नवंबर 2024 की हिंसा कैसे हुई?

संभल में 24 नवंबर को मस्जिद में हुए सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी। इस घटना की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया था।

रिपोर्ट में घटना के कारण, दंगों में शामिल लोगों और प्रशासन की भूमिका का भी विस्तृत विवरण दिया गया है।


घटती हिंदू आबादी का जिक्र

रिपोर्ट में सबसे अहम बिंदु जनसांख्यिकी बदलाव है।

रिपोर्ट के अनुसार, बार-बार होने वाले दंगों और तुष्टिकरण की राजनीति ने जिले की डेमोग्राफी को पूरी तरह बदल दिया।


संभल में दंगों का इतिहास

न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि आज़ादी के बाद से संभल में कुल 15 बड़े दंगे हो चुके हैं।


आतंकवाद और आपराधिक गतिविधियों का केंद्र

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि समय के साथ संभल कई आतंकवादी संगठनों का अड्डा बन गया।

हालांकि, वर्तमान में इन पर कार्रवाई की जा रही है और हालात नियंत्रण में हैं।


आगे क्या होगा?

रिपोर्ट अब उत्तर प्रदेश सरकार के पास है और शासन को तय करना है कि इस पर क्या कार्रवाई की जाए। सूत्रों के मुताबिक, सरकार संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में कदम उठा सकती है।


नतीजा

संभल हिंसा पर सौंपी गई यह रिपोर्ट न सिर्फ एक घटना की सच्चाई सामने लाती है, बल्कि जिले के सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक बदलावों का भी पूरा इतिहास दर्ज करती है। इसमें साफ तौर पर बताया गया है कि लगातार दंगे और तुष्टिकरण की नीतियों ने संभल की डेमोग्राफी बदल दी है। अब यह देखना अहम होगा कि सरकार इस रिपोर्ट पर क्या ठोस कदम उठाती है।

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