छांगुर बाबा रैकेट: सऊदी में फंसी रश्मि की आपबीती
राजू राठौड़ बना वसीम, और रश्मि पहुंची सऊदी
कर्नाटक की रहने वाली रश्मि ने एक भयावह कहानी साझा की। राजू राठौड़ उर्फ वसीम, जो छांगुर बाबा का एजेंट था, इंस्टाग्राम पर संपर्क में आया। उसने प्रेम और नौकरी का झांसा देकर रश्मि को फंसाया और फर्जी डॉक्युमेंट्स के जरिए सऊदी भेज दिया। वहां पहुंचते ही धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया और उसे ‘आयशा’ बनाने की तैयारी शुरू हो गई।
“सामान आ चुका है” — वसीम की गाड़ी में ये शब्द सुनने के बाद रश्मि को समझ आया कि वह खुद ही ‘सामान’ थी।
धर्म परिवर्तन और शोषण की दर्दनाक कहानी
सऊदी में रश्मि को एक कमरे में बंद कर दिया गया। वसीम ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला, विरोध करने पर मारपीट की और तीन दिन तक बंदी बनाकर शारीरिक शोषण किया। किसी से संपर्क करने की कोई अनुमति नहीं थी।
इसके बाद गिरोह का दूसरा सदस्य बदर अख्तर सिद्दीकी आया और बताया कि वसीम ने रश्मि को वहां लाने के लिए 15 लाख रुपये लिए हैं। मना करने पर वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग शुरू की गई।
छांगुर बाबा रैकेट का पर्दाफाश
यह मामला व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक संगठित धर्म परिवर्तन गिरोह का हिस्सा है, जिसे छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन संचालित करता था। ATS की जांच में बाबा के सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन और राजू उर्फ वसीम भी पकड़े गए हैं।
गिरोह ने धर्म परिवर्तन के लिए ‘रेट कार्ड’ तय कर रखा था — ब्राह्मण युवतियों के लिए 15-16 लाख, OBC के लिए 10-12 लाख और अन्य के लिए 8-10 लाख रुपए।
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सरकारी कार्रवाई और प्रतिक्रिया
ED और ATS की जांच में पता चला कि इस गिरोह को विदेशों से भारी फंडिंग मिलती थी और 100 करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे समाज की इज्जत से खिलवाड़ करने वाला ‘जल्लाद’ कहा और महिला आयोग ने फांसी की मांग की है।
निष्कर्ष: इंसानियत और मानवाधिकारों पर सीधा हमला
रश्मि की आपबीती उन हजारों लड़कियों की कहानी है, जो प्रेम और सुरक्षा के झूठे वादों में फंसकर शोषण का शिकार होती हैं। इस मामले ने दिखाया कि कैसे सोशल मीडिया, फर्जी डॉक्युमेंट्स और लालच से लड़कियों को धर्मांतरण और यौन शोषण की ओर धकेला जाता है।
समाज, सरकार और कानून-व्यवस्था को मिलकर ऐसे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की जरूरत है।