वायरल वीडियो के बाद बढ़ा सियासी तनाव, समाजवादी पार्टी ने की सख्त कार्रवाई की मांग
🔴 मुरादाबाद में दर्ज हुआ मुकदमा, आरोपी लापता
समाजवादी पार्टी की युवा सांसद इकरा हसन को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और एफआईआर दर्ज होने के बाद से योगेंद्र राणा फरार हैं और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। पुलिस ने उनकी तलाश में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में छापेमारी शुरू कर दी है।
📹 क्या है पूरा मामला?
कुछ दिन पहले योगेंद्र राणा ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कैराना से सपा सांसद इकरा हसन से निकाह करने की इच्छा जताई थी। वीडियो में उन्होंने एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और अकबरुद्दीन ओवैसी को लेकर भी विवादित बयान दिया। वीडियो में कहा गया कि “जब ओवैसी मुझे जीजा कहेगा, तो अच्छा लगेगा।”
वीडियो के वायरल होते ही भारी विरोध शुरू हो गया। यह मुद्दा तेजी से राजनीतिक विवाद में बदल गया, और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसे महिला गरिमा और सांप्रदायिक सद्भाव पर हमला बताया।
👩⚖️ महिला की शिकायत पर दर्ज हुई FIR
मुरादाबाद की कटघर थाना क्षेत्र निवासी सुनीता नाम की महिला ने वायरल वीडियो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उनका कहना था कि यह वीडियो महिलाओं की गरिमा के खिलाफ है और समाज को गलत संदेश देता है।
पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 67, 79 और आईपीसी की धारा 354(2) (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास) के तहत एफआईआर दर्ज की है।
🚔 फरार आरोपी की तलाश में पुलिस
मुरादाबाद के एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि योगेंद्र राणा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की टीमें उत्तराखंड और यूपी के कई जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
राणा का मोबाइल बंद है, जिससे लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो गया है। हालांकि, पुलिस को उम्मीद है कि वह जल्द आरोपी को गिरफ्तार कर लेगी।
🧑⚖️ राजनीतिक घमासान तेज, सपा ने साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। वरिष्ठ विधायक नवाब इकबाल महमूद ने योगेंद्र राणा को ‘लुच्चा-लफंगा’ करार देते हुए कहा कि ऐसे व्यक्ति को जेल भेजना जरूरी है।
उन्होंने कहा, “यह केवल महिला का अपमान नहीं, बल्कि एक सभ्य समाज की मर्यादा पर हमला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस पर तत्काल कड़ा संज्ञान लेना चाहिए।”
📢 समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन
विवाद बढ़ने के बाद सपा की महिला इकाई और युवा कार्यकर्ताओं ने मुरादाबाद, रामपुर, संभल, कुशीनगर समेत कई जिलों में प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपे गए हैं।
सपा नेताओं का आरोप है कि यह वीडियो न केवल सांसद को बदनाम करने के लिए बनाया गया, बल्कि यह राजनीतिक साजिश भी है, जिससे समाज में सांप्रदायिक ध्रुवीकरण किया जा सके।
🕵️♂️ साइबर सेल कर रही तकनीकी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की साइबर सेल भी जांच में जुट गई है। वायरल वीडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसे कब, कहां और कैसे बनाया गया।
🔚 निष्कर्ष: समाज में नफरत फैलाने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
योगेंद्र राणा द्वारा की गई टिप्पणी ने ना सिर्फ एक महिला सांसद की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश भी की है। ऐसे में आवश्यक है कि कानून सख्ती से अपना काम करे और समाज में नफरत फैलाने वालों को कठोर सजा मिले।