जेल अधीक्षक के सरकारी आवास पर घंटों हाई वोल्टेज ड्रामा
बिहार के समस्तीपुर जिले में उस समय हड़कंप मच गया जब दो बच्चों की मां एक महिला सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार के सरकारी आवास पर पहुंची और खुद को उनकी पत्नी बताते हुए वहीं रहने की जिद पर अड़ गई। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और काफी देर समझाने के बाद महिला को थाने ले जाया गया।
महिला का बड़ा दावा—“2022 में मंदिर में शादी की थी”
महिला ने बताया कि उसकी मुलाकात आदित्य कुमार से गया कोर्ट में हुई थी, जहां वह अपने पहले पति से तलाक से जुड़े मामले में आती-जाती थी। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और महिला के अनुसार वर्ष 2022 में गया के विष्णुपद मंदिर में दोनों ने शादी कर ली।
महिला ने कहा कि आदित्य उसके दोनों बच्चों के बारे में जानते थे और उन्हें अपने बच्चों की तरह प्यार भी करते थे। उसके अनुसार, शादी के बाद दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे।
पहले पति से तलाक प्रक्रिया जारी
महिला मूल रूप से नवादा के विजय शंकर से विवाहित थी और दो बच्चों की मां भी है। अनबन के बाद उसने गया कोर्ट में तलाक का केस दाखिल किया था। महिला का कहना है कि तलाक की प्रक्रिया जारी थी, तभी उसकी जिंदगी में आदित्य आए और मंदिर में शादी की गई।
दूसरी ओर, आदित्य कुमार के परिवार का कहना है कि पहला तलाक पूरा हुए बिना दूसरी शादी मान्य नहीं है।
महिला का आरोप—“मारपीट की, शोषण किया, घर से निकाल रहे हैं”
महिला ने पुलिस को बताया कि वह 20 नवंबर से दलसिंहसराय में आदित्य कुमार के सरकारी आवास पर रह रही थी। इस दौरान वह बीमार भी थी, लेकिन उसके बावजूद उसके साथ मानसिक और शारीरिक शोषण किया गया।
महिला के अनुसार, 30 नवंबर को आदित्य के माता-पिता वहां आए, जिसके बाद उसका व्यवहार बदल गया और उन्होंने उससे दूरी बनानी शुरू कर दी। बाद में माता-पिता के दबाव में आकर मारपीट की गई और उसे आवास से निकालने की कोशिश की गई।
मामले ने तूल पकड़ा तो पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।
अधिकारी के पिता का आरोप—“ब्लैकमेल कर रही है महिला”
सहायक जेल अधीक्षक आदित्य कुमार के पिता दिलीप सिंह ने महिला पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि महिला उनके बेटे को ब्लैकमेल कर रही है और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर रुपये ऐंठने की कोशिश कर रही है।
दिलीप सिंह ने दोहराया कि बिना तलाक के दूसरी शादी कभी वैध नहीं हो सकती, इसलिए महिला का दावा गलत है।
महिला बोली—“मेरे पास सबूत हैं”
इन आरोपों को महिला ने सिरे से खारिज कर दिया। उसने कहा कि उसके पास मंदिर विवाह, साथ रहने और शादी के बाद बिताए पलों के फोटो-वीडियो जैसे प्रमाण मौजूद हैं, जिन्हें वह कोर्ट में पेश करेगी।
महिला लगातार अपना हक मांगते हुए सरकारी आवास में रहने की जिद पर अड़ी रही, लेकिन पुलिस उसे थाने लेकर गई।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। दलसिंहसराय के डीएसपी विवेक कुमार शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के आवेदन मिलने के बाद जांच की जाएगी और सच्चाई की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

