लंभुआ सीएचसी के CMS पर गंभीर आरोप, ऑडियो वायरल होने से मचा बवाल
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के लंभुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS) पर वहां कार्यरत एक दिव्यांग महिला स्टाफ नर्स से प्यार और शारीरिक संबंध की मांग करने का गंभीर आरोप लगा है।
इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब दोनों के बीच की अश्लील बातचीत का ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
ऑडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। अब आरोपी डॉक्टर के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
“प्यार चाहिए… नहीं तो ट्रांसफर करा दूंगा” — डॉक्टर का कथित बयान वायरल
वायरल ऑडियो में डॉक्टर कथित रूप से नर्स से कहते सुने गए —
“मुझे तुम्हारा प्यार चाहिए… तुम नहीं तो दूसरी लड़की लेकर आओ, जो पैसा लगेगा दे दूंगा।”
नर्स के इनकार करने पर डॉक्टर ने धमकी दी —
“अगर नहीं मानोगी तो तुम्हारा ट्रांसफर करा दूंगा, और जरूरत पड़ी तो जबरदस्ती करना भी आता है।”
यह बातचीत जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, लोगों में आक्रोश फैल गया और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध शुरू हो गया।
नर्स ने लगाई इंसाफ की गुहार, पुलिस ने दर्ज की FIR
लखनऊ के बख्शी का तालाब इलाके की रहने वाली दिव्यांग नर्स (काल्पनिक नाम — कल्पना) ने बताया कि 4 अक्टूबर को डॉक्टर का फोन आया था।
पहले उन्होंने मीठी बातें कीं और फिर शारीरिक संबंध की खुली मांग रखी।
नर्स ने सख्त लहजे में इनकार किया तो डॉक्टर ने धमकी दी कि “मैं तुम्हारा ट्रांसफर करवा दूंगा”।
नर्स ने तुरंत इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की।
मामला गंभीर देख सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने खुद संज्ञान लिया और लंभुआ थाने में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
लंभुआ थानाध्यक्ष संदीप राय ने बताया —
“डॉ. अनिल कुमार सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 75, 351(3) और SC/ST अधिनियम की धारा 3(2)(5A) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच जारी है।”
जांच समिति के सामने पेश नहीं हुए डॉक्टर
वायरल ऑडियो के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. भरत भूषण ने 24 अक्टूबर को चार सदस्यीय जांच समिति बनाई।
इसमें एसीएमओ सहित तीन वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया।
समिति ने पहले नर्स का बयान दर्ज किया और आरोपी डॉक्टर को भी बुलाया गया, लेकिन डॉक्टर जांच में पेश ही नहीं हुए।
CMO ने बताया —
“डॉ. अनिल को कई बार बुलाया गया, लेकिन वे गैरहाजिर रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई और FIR दर्ज कराई गई है।”
विभाग करेगा निलंबन, पुलिस तैयार कर रही अगला कदम
सुल्तानपुर स्वास्थ्य विभाग ने आरोपी डॉक्टर को निलंबित करने की सिफारिश कर दी है।
वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार, अगर डॉक्टर जांच में सहयोग नहीं करते हैं, तो गिरफ्तारी वारंट जारी किया जा सकता है।
फिलहाल डॉक्टर अस्पताल नहीं आ रहे हैं और फरार बताए जा रहे हैं।
वायरल ऑडियो बना सबसे बड़ा सबूत
जांच टीम ने वायरल हुए ऑडियो क्लिप को साक्ष्य के रूप में जांच में शामिल किया है।
ऑडियो में डॉक्टर और नर्स की बातचीत के कई अंश अश्लील और आपत्तिजनक बताए जा रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि “ऐसे अधिकारी प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को कलंकित कर रहे हैं।”
SC/ST एक्ट और यौन उत्पीड़न की धाराओं में केस दर्ज
पीड़िता दिव्यांग और अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित हैं, इसलिए डॉक्टर पर SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(5A) भी लगाई गई है।
इसके अलावा यौन उत्पीड़न, धमकी और अश्लीलता से जुड़ी धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने कहा कि “सभी सबूतों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।”
जनता में आक्रोश, कार्रवाई की मांग तेज
इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य विभाग की छवि धूमिल की है, बल्कि महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आरोपी डॉक्टर पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई अधिकारी ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।
निष्कर्ष: सुल्तानपुर में शर्मनाक घटना, सख्त कार्रवाई की मांग
लंभुआ सीएचसी में घटित यह घटना प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
दिव्यांग नर्स के साहसिक कदम ने एक बार फिर साबित किया कि अन्याय के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है।
अब सभी की निगाहें पुलिस और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या आरोपी डॉक्टर को जल्द सजा मिलेगी या नहीं।

