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सेना जवान से मारपीट पर NHAI का सख्त एक्शन: टोल एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द, ₹20 लाख जुर्माना

सेना जवान से मारपीट पर NHAI का सख्त एक्शन

मेरठ-करनाल हाईवे पर टोल कर्मचारियों की मनमानी, सेना के जवान के साथ बदसलूकी भारी पड़ी

मेरठ, उत्तर प्रदेश:
ऑपरेशन सिंदूर में तैनात सेना के जवान से मारपीट के मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ी कार्रवाई की है। मेरठ-करनाल हाईवे (NH-709A) स्थित भुनी टोल प्लाजा पर घटित इस घटना के बाद NHAI ने टोल वसूली एजेंसी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द कर, एक साल के लिए बोली प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। साथ ही एजेंसी पर ₹20 लाख का जुर्माना, ₹5 लाख की सिक्योरिटी जब्ती और ₹3.66 करोड़ की वसूली का आदेश भी जारी किया गया है।


क्या है पूरा मामला?

17 अगस्त 2025 को सेना के जवान कपिल, जो ऑपरेशन सिंदूर में शामिल रहे हैं और वर्तमान में श्रीनगर में पोस्टेड हैं, छुट्टी के बाद ड्यूटी पर लौट रहे थे। दिल्ली एयरपोर्ट जाने के दौरान वह भुनी टोल प्लाजा से गुजर रहे थे। उसी दौरान टोल कर्मचारियों ने उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की।


NHAI की जांच में दोषी पाई गई टोल एजेंसी

घटना के तुरंत बाद NHAI ने टोल वसूली एजेंसी मेसर्स धर्म सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया। एजेंसी का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि एजेंसी ने कई नियमों का उल्लंघन किया, जिनमें शामिल थे:


6 आरोपी गिरफ्तार, हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

जैसे ही यह मामला सामने आया, मेरठ पुलिस हरकत में आई। एसएसपी डॉ. विपिन ताड़ा ने बताया कि इस घटना में शामिल छह आरोपियों — सचिन, विजय, अनुज, अंकित, सुरेश राणा और अंकित शर्मा — को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन सभी पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। टोल प्लाजा के CCTV फुटेज भी सबूत के तौर पर जब्त किए गए हैं।


भविष्य के लिए NHAI के सख्त निर्देश

इस घटना को गंभीरता से लेते हुए NHAI ने सभी टोल एजेंसियों को निर्देशित किया है:


NHAI की प्राथमिकता: यात्रियों को सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव

NHAI ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा और सम्मान उसकी प्राथमिकता है। टोल प्लाज़ा पर कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार का अभद्र व्यवहार या हिंसा बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


निष्कर्ष

इस घटना ने एक बार फिर यह दिखा दिया है कि सड़क सुरक्षा और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाने की जरूरत है। NHAI की यह कार्रवाई अन्य टोल एजेंसियों के लिए एक सख्त चेतावनी है कि अगर वे अनुशासन का पालन नहीं करेंगे, तो उन्हें भी गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

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