हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: किसानों और पुलिस के बीच झड़प, इंटरनेट बंद और तनावपूर्ण माहौल

किसानों और पुलिस के बीच झड़प, इंटरनेट बंद और तनावपूर्ण माहौल

हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर तनाव

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के टिब्बी कस्बे में एथेनॉल फैक्ट्री निर्माण को लेकर विवाद गंभीर रूप ले चुका है। किसानों और स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हुई। घटना के बाद प्रशासन ने क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगा दी है, ताकि अफवाहें न फैले और स्थिति और बिगड़ने से रोकी जा सके।


विरोध प्रदर्शन हिंसक रूप ले गया

पिछले दिन बड़ी संख्या में किसान और स्थानीय लोग फैक्ट्री साइट पर पहुंचे। विरोध के दौरान कुछ लोगों ने दीवार तोड़कर फैक्ट्री के अंदर प्रवेश किया और ऑफिस में आग लगा दी। गुस्साई भीड़ ने पथराव भी किया, जिससे पुलिस को स्थिति नियंत्रण में लाने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। हिंसा के दौरान लगभग 14 वाहन जल गए

कांग्रेस विधायक और यूथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अभिमन्यु पूनिया के सिर में चोट आई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं।


सुरक्षा के नाम पर धारा 163 और इंटरनेट बंद

प्रशासन ने पूरे इलाके में धारा 163 लागू कर दी है। इसके अलावा इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाई गई है ताकि अफवाहें न फैलें और भीड़ फिर से न जुट सके।

फैक्ट्री के आसपास रहने वाले करीब 30 परिवार सुरक्षा की चिंता से अपने घर छोड़कर चले गए। टिब्बी कस्बे के स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हैं, लेकिन भारी पुलिस उपस्थिति के कारण माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।


किसानों का विरोध और उनकी मांगें

किसान और स्थानीय नेता दावा कर रहे हैं कि फैक्ट्री जमीन और पर्यावरण दोनों के लिए नुकसानदायक है। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की सहमति के बिना परियोजना को मंजूरी दी गई।

किसानों ने विरोध जारी रखने का संकेत दिया है और सुबह से पास के गुरुद्वारे में जुटकर अपनी मांगों को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक विरोध जारी रहेगा।


परियोजना का पृष्ठभूमि और विरोध का कारण

यह एथेनॉल फैक्ट्री परियोजना एमओयू 2022 में अशोक गहलोत सरकार द्वारा हरियाणा की कंपनी ड्यून्स इथेनॉल प्राइवेट लिमिटेड के साथ की गई थी। उसी समय इसे राज्य सरकार की ओर से मंजूरी भी दी गई थी।

हालांकि अब स्थानीय ग्रामीणों और किसानों का विरोध तेज़ हो गया है। वे आरोप लगा रहे हैं कि फैक्ट्री से पर्यावरणीय नुकसान और जमीन की हानि हो सकती है, इसलिए उन्हें परियोजना की अनुमति के खिलाफ आंदोलन करना पड़ रहा है।


पुलिस की तैयारियां और नियंत्रण प्रयास

टिब्बी और राठीखेड़ा क्षेत्र में 1500 से अधिक पुलिसकर्मी, RAC और होमगार्ड तैनात किए गए हैं। पुलिस का उद्देश्य है कि किसी भी तरह की हिंसा को रोका जाए और स्थिति पर नियंत्रण रखा जाए।

अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन अभी भी स्थिति को शांत करने और तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि किसान और स्थानीय लोग अब भी फैक्ट्री स्थल के पास जुटे हुए हैं और उनका विरोध जारी है।


निष्कर्ष

हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। किसानों और स्थानीय लोगों की चिंता, सुरक्षा की चुनौतियां और इंटरनेट बंद जैसी परिस्थितियों ने पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना दिया है। प्रशासन ने सुरक्षा के उपाय किए हैं, लेकिन किसान अपनी मांगों को लेकर अभी भी फैक्ट्री स्थल पर प्रदर्शन कर रहे हैं।

यह मामला राजस्थान में पर्यावरणीय और स्थानीय जनभावनाओं से जुड़े विवाद का उदाहरण बन गया है, जिसे शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाना प्रशासन की चुनौती है।

यह भी पढ़ें:   दिल्ली में बड़ी कार्रवाई: क्राइम ब्रांच ने छापे में बरामद किए 3.5 करोड़ के बंद हो चुके नोट, 4 लोग गिरफ्तार

One thought on “हनुमानगढ़ में एथेनॉल फैक्ट्री विवाद: किसानों और पुलिस के बीच झड़प, इंटरनेट बंद और तनावपूर्ण माहौल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *