हमीरपुर में मिला नग्न शव: पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सड़क किनारे मिली एक महिला की नग्न लाश ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी थी। कई दिनों से चर्चा में रहे इस मामले का खुलासा अब पुलिस ने कर दिया है। जांच में पता चला कि जिस महिला की हत्या हुई, उसका हत्यारा कोई और नहीं बल्कि महोबा में तैनात दारोगा अंकित यादव था। जिसने संबंधों के विवाद के चलते अपनी प्रेमिका किरण देवी की बेरहमी से हत्या कर दी।
कौन थी किरण देवी?
किरण देवी महोबा जिले के कबरई थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं। उनकी शादी सीआरपीएफ जवान विनोद सिंह से हुई थी। घरेलू कलह और दहेज उत्पीड़न से परेशान होकर किरण ने अपने पति, ससुराल पक्ष और देवर पर रेप और हिंसा के मामले दर्ज कराए थे।
इन मुकदमों की जांच की जिम्मेदारी दारोगा अंकित यादव को मिली, जहां से दोनों की मुलाकातें शुरू हुईं।
पेशेवर रिश्ता कैसे बना प्रेम कहानी?
बयान लेने के बहाने बढ़ता संपर्क
किरण के आरोपों की जांच के दौरान अंकित को बार-बार उसके घर जाना पड़ता था। इसी दौरान किरण का विश्वास अंकित पर बढ़ने लगा।
ससुराल वालों पर पुलिस की सख्ती से किरण को अंकित का साथ और सहयोग पसंद आने लगा।
धीरे-धीरे पेशेवर रिश्ता निजी और भावनात्मक रिश्ते में बदल गया।
जांच के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और काफी समय तक उनका प्रेम प्रसंग चलता रहा।
12 नवंबर का दिन: जब प्रेम कहानी बनी मौत की वजह
12 नवंबर को दोनों कोर्ट की तारीख से लौट रहे थे और कार में साथ बैठे थे। पुलिस के अनुसार, रास्ते में किसी बात पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया।
गुस्से में आकर दारोगा अंकित यादव ने कार में रखी लोहे की रॉड से किरण के सिर पर कई वार कर दिए। मौके पर ही किरण की मौत हो गई।
लाश को न्यूड कर फेंका, लेकिन बच नहीं पाया दारोगा
हत्या के बाद अंकित ने किरण की लाश को गाड़ी में रखा और उसे नग्न अवस्था में हमीरपुर के मौदहा क्षेत्र में फेंक दिया, ताकि हत्या की पहचान और वजह छिप सके।
लेकिन forensic जांच और घटनास्थल से मिले सबूतों ने पूरा राज खोल दिया।
पुलिस ने अंकित यादव को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या में इस्तेमाल कार व लोहे की रॉड बरामद कर ली है।
किरण और अंकित के बीच खटास कैसे आई?
जांच अधिकारियों का कहना है कि बीते कुछ समय से किरण और अंकित के रिश्ते में तनाव बढ़ गया था।
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किरण अपने मुकदमों में तेजी चाहती थी
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अंकित पर रिश्ते को आगे निभाने का दबाव बढ़ रहा था
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निजी विवाद अक्सर झगड़े में बदल जाते थे
इन्हीं तनावों के बीच यह दिल दहला देने वाली वारदात हुई।
पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
एक पुलिस अधिकारी द्वारा हत्या जैसा गंभीर अपराध करने से विभाग में भारी आक्रोश और शर्मिंदगी की स्थिति पैदा हो गई है।
उच्च अधिकारियों ने मामले की जांच तेज कर दी है और आश्वासन दिया है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
निष्कर्ष
हमीरपुर का यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि पेशेवर सीमा लांघने, गलत फैसलों और भावनात्मक शोषण का खतरनाक परिणाम है।
किरण देवी की हत्या ने यह भी उजागर कर दिया कि जिम्मेदारी और वर्दी का भार संभालने वाले कुछ लोग खुद ही कानून तोड़ देते हैं।
फिलहाल आरोपी दारोगा सलाखों के पीछे है और केस कोर्ट में चलेगा। पुलिस अभी भी आगे की कड़ियों की जांच कर रही है।

