उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ में एक सड़क हादसा मंगलवार को बड़े विवाद का रूप ले लिया। रोडवेज बस की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजन और ग्रामीणों ने आजमगढ़–मऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। ठीक उसी समय समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस जाम में फंस गए। उन्होंने तत्काल पीड़ित परिवार की मदद की और अधिकारियों से बात कर स्थिति को सामान्य कराया।
सड़क हादसे में 50 वर्षीय महिला की मौत
मामला मुबारकपुर थाना क्षेत्र के हरैया चट्टी के पास का है। मंगलवार सुबह जोखन राम की पत्नी लालमुन्नी (50) सड़क पार कर रही थीं, तभी तेज रफ्तार रोडवेज बस की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
हादसे के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। देखते ही देखते सड़क पर करीब एक किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
जाम में फंसे अखिलेश यादव, पीड़ित परिवार से की मुलाकात
इस दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव घोसी में पूर्व विधायक स्व. सुधाकर सिंह के घर जा रहे थे, लेकिन जाम के कारण उनका काफिला वहीं रुक गया।
जाम की जानकारी मिलने पर अखिलेश यादव मौके पर पहुंचे और मृतका के पति जोखन राम से मिलकर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपनी तरफ से ₹1 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता भी प्रदान की।
DM को फोन कर दिलाया मुआवजे का भरोसा
अखिलेश यादव ने वहीं से जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को फोन किया और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की बात कही। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे ड्राइवर से किसी तरह का समझौता न करें और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाएं।
अखिलेश यादव ने परिवार को आश्वासन देते हुए कहा—
“DM साहब ₹5 लाख देंगे, ₹2 लाख हम दे देंगे, बाकी सरकार की तरफ से और मदद मिल जाएगी।”
इसके साथ ही उन्होंने घोसी के सांसद राजीव राय और क्षेत्रीय सपा विधायकों को निर्देश दिया कि बुधवार को पीड़ित परिवार को ₹1 लाख का चेक भी प्रदान किया जाए।
अखिलेश की अपील पर एक घंटे बाद खुला जाम
अखिलेश यादव ने जाम लगाए लोगों से बातचीत की और कहा कि पुलिस ने उन्हें इस रास्ते से आने से मना किया था, लेकिन वे फिर भी पीड़ित परिवार की सहायता के लिए रुके।
अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाने-बुझाने के बाद करीब एक घंटे में जाम समाप्त करा दिया गया। सड़क पर आवागमन एक बार फिर सामान्य हो गया।
प्रशासन ने शुरू की जांच
हादसे के बाद पुलिस ने रोडवेज बस और चालक को कब्जे में ले लिया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और चश्मदीदों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर बढ़ी राजनीतिक सक्रियता
घटना के बाद क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क पर अक्सर तेज रफ्तार बसें चलती हैं और कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने उचित कदम नहीं उठाए।
अखिलेश यादव के हस्तक्षेप के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि सड़क सुरक्षा और मुआवजा व्यवस्था पर प्रशासन गंभीरता से काम करेगा।
निष्कर्ष
आजमगढ़ में हुए इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की खामियों को उजागर किया है। जाम में फंसे होने के बावजूद सपा प्रमुख अखिलेश यादव का पीड़ित परिवार की मदद करना और तत्काल अधिकारियों से वार्ता करना स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें प्रशासन द्वारा घोषित मुआवजे और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

