हिक्की: प्यार जताने का तरीका या खतरे की घंटी?
हिक्की, जिसे लव बाइट भी कहा जाता है, प्यार का प्रतीक माना जाता है। यह गहरे लाल या नीले निशान होते हैं जो त्वचा पर चूसने या दबाव के कारण बनते हैं। हालांकि यह आम तौर पर नुकसानदायक नहीं मानी जाती, लेकिन कुछ मामलों में हिक्की गंभीर मेडिकल समस्याओं का कारण बन सकती है — जैसे कि स्ट्रोक।
हिक्की कैसे बनती है?
जब त्वचा को जोर से चूसा जाता है तो उसके नीचे की छोटी ब्लड वेसिल्स फट जाती हैं और खून सतह के नीचे जम जाता है। इससे जो निशान बनता है उसे ही हिक्की कहा जाता है। मेडिकल रूप में इसे पेटीचिया, हेमाेटोमा, एरिथेमा आदि नामों से जाना जाता है।
डॉक्टरों की चेतावनी: हिक्की से तीन बड़ी समस्याएं
1. कैरोटिड साइनस एक्टिवेशन: गर्दन के किनारे की नसों पर दबाव से नर्व सेल्स एक्टिव हो सकते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर कम और चक्कर जैसे लक्षण हो सकते हैं।
2. थक्का मस्तिष्क में खिसकना: यदि पहले से थक्का मौजूद है तो दबाव पड़ने पर वह मस्तिष्क तक पहुंच सकता है और स्ट्रोक का कारण बन सकता है।
3. रक्त वाहिकाएं फटना: अधिक दबाव से नाजुक नसें फट सकती हैं, जिससे खून बहने और थक्का जमने का खतरा होता है।
हिक्की से जुड़ी घटनाएं
2011 में न्यूजीलैंड की महिला को हिक्की के बाद लकवा हो गया था। डेनमार्क में एक महिला को हिक्की के 12 घंटे बाद स्ट्रोक आया। इन मामलों में हिक्की के दौरान गर्दन की कैरोटिड आर्टरी पर जोर पड़ने से खून का थक्का बन गया था।
क्या करें अगर हिक्की का निशान गंभीर हो?
- निशान लंबे समय तक रहे
- बहुत दर्द हो या गांठ बने
- शरीर पर कई जगह ऐसे निशान दिखें
ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि यह खून संबंधित बीमारी जैसे थ्रोम्बोसाइटोपेनिया या अन्य संक्रमण का संकेत हो सकता है।
हिक्की कितने दिन में ठीक होती है?
– 1-2 दिन: निशान लाल और नीला होता है।
– 5-7 दिन: रंग गहरा बैंगनी या काला हो सकता है।
– 10-14 दिन: रंग हल्का भूरा या पीला हो जाता है और निशान मिटने लगता है।
हिक्की से छुटकारा कैसे पाएं?
- पहले 48 घंटों में बर्फ से सिकाई करें (15 मिनट के सेशन में)
- 2 दिन बाद गर्म पानी से सिकाई करें
- अगर दर्द हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर पेनकिलर लें
निष्कर्ष: प्यार के साथ जिम्मेदारी भी जरूरी
हिक्की भले ही प्यार जताने का प्रतीक हो, लेकिन इससे जुड़ी मेडिकल जटिलताओं को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से गर्दन पर हिक्की देते समय सावधानी बरतें और अगर किसी को पहले से रक्त विकार या ब्लड थिनर दवाएं चल रही हों तो सतर्क रहें।
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