शिमला/हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों की एंट्री फीस में बड़ी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी। सामान्य वाहनों का शुल्क पहले 70 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह हैवी और निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाले वाहन और मशीनरी पर भी शुल्क बढ़ाया गया है। राज्य में कुल 55 एंट्री बैरियरों पर नई नीति लागू होगी और फास्टैग सिस्टम भी जोड़ा जाएगा।
कितनी बढ़ी एंट्री फीस?
नई दरों के मुताबिक:
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सामान्य वाहनों का शुल्क 70 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया है।
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12+1 सवारी क्षमता वाले वाहनों पर शुल्क 110 रुपये से बढ़ाकर 170 रुपये कर दिया गया।
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हैवी वाहन: 720 रुपये से 900 रुपये।
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निर्माण उपकरण जैसे जेसीबी: 570 रुपये से बढ़ाकर 800 रुपये।
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ट्रैक्टर: 70 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये।
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डबल एक्सल बस और ट्रक की दर यथावत 570 रुपये रखी गई।
सरकार का कहना है कि वाहनों की श्रेणी और उनके उपयोग के आधार पर शुल्क तय किया गया है। हिमाचल पंजीकृत वाहनों को अब भी छूट रहेगी।
कहां लागू होगी नई नीति?
नई दरें प्रदेश के कुल 55 एंट्री बैरियरों पर लागू होंगी। प्रमुख बैरियर हैं:
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सिरमौर जिले के गोविंदघाट
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नूरपुर के कंडवाल
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ऊना के मैहतपुर
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बद्दी, परवाणू और बिलासपुर जिले के गरामोड़ा
सरकार ने इन बैरियरों पर फास्टैग सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। बैरियरों की नीलामी और शुल्क वसूली की निगरानी के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
आर्थिक कारण और सरकार की सोच
हिमाचल प्रदेश इस समय वित्तीय दबाव में है। राजस्व में कमी और बढ़ते खर्चों के कारण सरकार आय बढ़ाने के विकल्प तलाश रही थी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि एंट्री टैक्स में वृद्धि से अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा और इससे राज्य के वित्तीय संतुलन में मदद मिलेगी।
राजस्व बढ़ाने के अलावा यह कदम पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े वाहनों की संख्या को देखते हुए स्थिर आय का स्रोत भी बन सकता है।
पर्यटन पर असर
हिमाचल प्रदेश देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में गिना जाता है। हर साल लाखों सैलानी अपनी निजी गाड़ियों से यहां आते हैं।
अधिक शुल्क के कारण पर्यटन क्षेत्र पर कुछ असर पड़ सकता है। अधिकारियों का कहना है कि 170 रुपये की एंट्री फीस बहुत अधिक नहीं है, लेकिन लगातार बढ़ते ईंधन और अन्य खर्चों के बीच यह अतिरिक्त बोझ बन सकता है।
पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकार को संतुलित नीति अपनानी चाहिए। यदि अधिक शुल्क लगे, तो पर्यटक पड़ोसी राज्यों की ओर रुख कर सकते हैं।
निष्कर्ष
हिमाचल प्रदेश में बाहरी वाहनों पर एंट्री फीस में ढाई गुना तक वृद्धि सरकार की राजस्व वृद्धि की रणनीति का हिस्सा है। 1 अप्रैल से लागू नई नीति, फास्टैग सिस्टम और 55 बैरियरों पर लागू होने वाला शुल्क, राज्य के वित्तीय संतुलन को मजबूत करने में मदद करेगा। वहीं, पर्यटन क्षेत्र और यात्रियों पर इसका असर भी नजर रखा जाएगा।