स्वान लेक अपार्टमेंट से उठा भरोसे और सुरक्षा पर सवाल
हैदराबाद के कुकटपल्ली इलाके में स्थित स्वान लेक अपार्टमेंट में हुए रेनू अग्रवाल हत्याकांड ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। 50 वर्षीय रेनू अग्रवाल की उनके ही घर में निर्मम हत्या कर दी गई। हत्या का तरीका इतना खौफनाक था कि सुनने वालों के रौंगटे खड़े हो गए।
पति ने खोला खौफनाक मंजर
10 सितंबर की शाम जब रेनू के पति राकेश अग्रवाल घर लौटे, तो उन्होंने दरवाजा खटखटाया। कोई जवाब न मिलने पर शक हुआ। पड़ोसियों और प्लंबर की मदद से जब वे बालकनी से अंदर गए, तो बेडरूम का नजारा बेहद डरावना था।
रेनू खून से लथपथ पड़ी थीं। उनके सिर को प्रेशर कुकर से कुचला गया था, हाथ-पांव रस्सी से बांधे गए थे और कैंची से कई जगह वार किए गए थे। आखिर में चाकू से हमला कर उनकी जान ले ली गई थी।
कत्ल के बाद हुई लूटपाट
हत्या के बाद आरोपी घर से जेवर और नकदी बैग में भरकर ले गए। लेकिन यही नहीं, दोनों हत्यारों ने वारदात के बाद बाथरूम में जाकर अपने खून से सने कपड़े उतारे, नहाए, नए कपड़े पहने और यहां तक कि परफ्यूम छिड़ककर घर से बाहर निकले। इसके बाद वे लिफ्ट से नीचे आए और राकेश अग्रवाल की स्कूटी लेकर फरार हो गए।
कौन थे हत्यारे?
जांच में पता चला कि इस सनसनीखेज हत्या के पीछे घर में काम करने वाले दो नौकर थे – हर्ष और रौशन। दोनों झारखंड के रांची के रहने वाले हैं।
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हर्ष महज 11 दिन पहले ही एक प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए रेनू के घर काम पर आया था।
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रौशन पिछले 11 महीने से अपार्टमेंट में काम कर रहा था, जिस पर परिवार का भरोसा भी बन गया था।
दोनों ने लूट की नीयत से यह वारदात रची और अंजाम दिया।
कैसे पकड़े गए आरोपी?
हत्या के बाद हर्ष और रौशन जेवर और नकदी लेकर हैदराबाद से भाग निकले और रांची पहुंच गए। लेकिन वहां उनकी तस्वीरें पहले ही सोशल मीडिया और न्यूज में वायरल हो चुकी थीं।
रांची में जिस कैब से वे सफर कर रहे थे, उसके ड्राइवर ने उन्हें पहचान लिया और तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को उनके सहयोगी (रौशन के भाई) के साथ गिरफ्तार कर लिया। सभी को ट्रांजिट रिमांड पर हैदराबाद लाया गया।
एजेंसी की भूमिका पर सवाल
पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों को काम पर लगाने में कोलकाता की एक प्लेसमेंट एजेंसी का हाथ था। अब पुलिस इस एजेंसी से भी पूछताछ कर रही है। यह मामला इस बात पर गंभीर सवाल खड़ा करता है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल के घरेलू सहायकों को काम पर रखना कितना खतरनाक हो सकता है।
पुलिस की अपील
हैदराबाद पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नौकर रखते समय केवल एजेंसी पर भरोसा न करें, बल्कि पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं। देशभर में इसके लिए फॉर्म और प्रक्रिया उपलब्ध है, जिसमें नौकर की पूरी पृष्ठभूमि दर्ज की जाती है।
निष्कर्ष
रेनू अग्रवाल की हत्या ने एक बार फिर से यह दिखा दिया है कि आधुनिक अपार्टमेंट्स और हाई-सिक्योरिटी सोसाइटीज़ भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। इस घटना ने न केवल एक परिवार की जिंदगी उजाड़ दी, बल्कि समाज को यह सख्त संदेश भी दिया कि घरेलू नौकरों की सही जांच और सुरक्षा उपायों की अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है।

