350 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद: फरीदाबाद से कश्मीर तक आतंकी साजिश का पर्दाफाश

350 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद

फरीदाबाद / श्रीनगर, ताज़ा अपडेट: जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच के बाद हरियाणा के फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद होने का मामला सामने आया है. जांच में पता चला है कि यह वस्तुएं किसी बड़े आतंकी हमला रचने के इरादे से छिपाकर रखी गई थीं और मामला कश्मीर में पकड़े गए संदिग्ध से जुड़ा मिला है.

क्या मिला — संक्षेप में

  • हरियाणा (फरीदाबाद) से करीब 300–350 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट बरामद किया गया।

  • साथ में एक AK-47 राइफल, गोला-बारूद और अन्य सामग्री भी मिली।

  • गिरफ़्तार संदिग्धों में कश्मीर से पकड़ा गया एक चिकित्सक (सूत्रों में नाम आए हैं) भी शामिल है, जिसकी निशानदेही पर फरीदाबाद में तालाशी की गई थी।

  • पुलिस ने बताया कि बरामद सामग्री एक बड़े हमले की साजिश से जुड़ी हो सकती है और जांच जारी है।

एहतियात: अमोनियम नाइट्रेट कितना खतरनाक है?

विशेषज्ञों के अनुसार अमोनियम नाइट्रेट खाद के रूप में सामान्यतः इस्तेमाल होता है, लेकिन बड़े मामले में यह विस्फोटक के रूप में बेहद खतरनाक बन सकता है—खासकर जब इसे किसी ईंधन (जैसे डीजल) के साथ मिलाया जाए।

  • अनुमानित तौर पर 350 किग्रा अमोनियम नाइट्रेट का विस्फोट 100 मीटर के दायरे में गंभीर तबाही मचा सकता है।

  • प्रभावी ऊर्जा का तुलनात्मक आकलन बताते हैं कि यह कई दर्जन किलो TNT के बराबर प्रभाव दे सकता है — इसलिए शहरी क्षेत्र में ऐसे भंडार होने पर बहुत बड़ी तबाही का खतरा रहता है।

RDX और अमोनियम नाइट्रेट में क्या फर्क है?

  • RDX एक सैन्य-स्तरीय तेज़, संवेदनशील और अधिक्फोर्स देने वाला विस्फोटक है — छोटी मात्रा में भी बहुत विनाश कर सकता है।

  • अमोनियम नाइट्रेट सस्ता और आसानी से उपलब्ध खाद है; सही मिश्रण और बूस्टर के साथ यह बड़े पैमाने पर खतरनाक हो सकता है, पर RDX जितना तेज़ और सटीक नहीं माना जाता।
    (यह तकनीकी विवरण जानकारों के सामान्य सिद्धांतों पर आधारित है।)

क्या कहा गया — सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

पुलिस व सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहनता से जांच कर रही हैं। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक:

  • संदिग्धों की पहचान और नेटवर्क की तह तक जाने के लिए पूछताछ और तकनीकी पूछताछ जारी है।

  • बरामद सामग्री की फॉरेंसिक और विस्फोटक विशेषज्ञों द्वारा जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सामग्री किस तरह से स्टोर थी और उसका तर्कसंगत लक्ष्य क्या था।

  • संबंधित इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और संबंधित बैंक/गोडाउन/लॉजिस्टिक्स रेकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

क्या चिंता की बात है?

हां। बड़े पैमाने पर अमोनियम नाइट्रेट की तस्करी या स्टोरेज से न केवल आतंकी हमले का खतरा बढ़ता है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में भी आस-पास के लोगों की जान और संपत्ति को भारी क्षति हो सकती है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियों की नजर प्रमुख हिस्ट्री वाले संदिग्धों और सप्लाई रूट्स पर है।

आगे क्या होगा

  • गिरफ्तारी और पूछताछ के आधार पर और गिरफ्तारी सम्भव है।

  • बरामद विस्फोटक सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय/नष्ट किए जाएंगे और स्वतंत्र फॉरेंसिक रिपोर्ट प्रकाशित की जा सकती है।

  • गृह सुरक्षा और खुफिया नेटवर्क के संबंधों की पड़ताल से घटना की व्यापकता समझने में मदद मिलेगी।

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