पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भारत-बांग्लादेश सीमा पर तस्करी रोकने की कोशिश में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के एक जवान पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। यह घटना सीमा चौकी तराली-1 इलाके में आधी रात को हुई, जब जवान ने संदिग्धों को रोकने की कोशिश की।
घटना का विवरण: आधी रात को हमला
बीएसएफ के अनुसार, रात करीब 1:50 बजे जवान ने 3-4 संदिग्ध लोगों को सीमा की ओर बैकलोड (सामान) ले जाते हुए देखा। अलर्ट करने के बाद जवान ने उन्हें रुकने को कहा, लेकिन तस्करों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और पत्थर फेंकने लगे।
स्थिति बिगड़ती देख जवान ने हवाई फायरिंग की, लेकिन तस्कर और आक्रामक हो गए। तभी एक तस्कर ने धारदार हथियार से जवान पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया।
2 तस्कर गिरफ्तार, भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
हमले के तुरंत बाद अन्य बीएसएफ जवान मौके पर पहुंचे और तस्करों का पीछा किया। दो तस्करों को पकड़ लिया गया जबकि बाकी अंधेरे और मकानों की आड़ लेकर भाग निकले।
गिरफ्तार तस्करों के पास से 10 किलो गांजा, 100 बोतल फेंसेडिल और हमला करने में उपयोग किया गया धारदार हथियार बरामद हुआ है। दोनों को सीमा चौकी तराली-1 लाकर पूछताछ की जा रही है।
BSF ने BGB से उठाया मामला
बीएसएफ दक्षिण बंगाल सीमांत के प्रवक्ता ने बताया कि सीमा पर लगातार बढ़ रही तस्करी और हमलों की घटनाओं को लेकर बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) के साथ फ्लैग मीटिंग में मामला उठाया गया है।
बीएसएफ का कहना है कि BGB की निष्क्रियता तस्करों के बढ़ते हौसलों का कारण बन रही है। फिर भी BSF हर परिस्थिति में देश की सीमाओं की रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।
तस्करी और सीमा सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बांग्लादेश सीमा पर तस्करों की सक्रियता और सीमा सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। नशीले पदार्थों की तस्करी के साथ अब सुरक्षाबलों पर हमले भी आम होते जा रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
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निष्कर्ष
BSF जवानों की तत्परता से दो तस्करों को पकड़ा जा सका और बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ बरामद किए गए। घायल जवान का इलाज जारी है। सरकार और सुरक्षा एजेंसियों को सीमा पर निगरानी और कड़ी करनी होगी, ताकि इस तरह की घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।