दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार और नकली करेंसी गिरोह का भंडाफोड़, मास्टरमाइंड शम्सु खान समेत 5 गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने अवैध हथियार और नकली करेंसी गिरोह का भंडाफोड़

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय अवैध हथियार और नकली करेंसी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस ऑपरेशन में पुलिस ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक पूर्व रेलवे कर्मचारी भी शामिल है। गिरोह सोशल मीडिया के जरिए गुप्त कोड से संचालन करता था और मध्य प्रदेश व बिहार से हथियार और नकली नोट मंगवाता था।


बरामदगी: हथियार, नकली करेंसी और बुलेटप्रूफ SUV

स्पेशल सेल के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 पिस्टल, 68 कारतूस, 4.10 लाख रुपये की नकली करेंसी और तीन वाहन, जिनमें एक बुलेटप्रूफ SUV शामिल है, बरामद किए।
स्पेशल सेल के डीसीपी अमित कौशिक ने बताया कि इस गिरोह का सरगना शम्सु खान उर्फ रेहान है, जो पहले से यूपी एटीएस को हथियार तस्करी के मामले में वांछित था।


गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिकाएं

पकड़े गए पांच आरोपियों में शामिल हैं:

  • रवि ठाकुर (35): 6 जुलाई को दिल्ली के एक ट्रांजिट प्वाइंट से गिरफ्तार। उसके पास से 5 पिस्टल और 10 कारतूस मिले। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह मध्य प्रदेश से हथियार लाकर 5,000 रुपये प्रति पिस्टल के हिसाब से सप्लाई करता था।

  • योगेश फोगाट (28): हथियारों की फंडिंग और सप्लाई चेन को संभालता था।

  • कुलदीप उर्फ छोटू (33): पूर्व रेलवे ग्रुप D कर्मचारी, 2022 से ड्यूटी से अनुपस्थित होकर तस्करी में शामिल हो गया। उसके पास से 1 पिस्टल और 35 कारतूस बरामद हुए।

  • मीरा (27): मथुरा से गिरफ्तार। वह शम्सु खान की करीबी थी और दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मुंबई तक हथियार पहुंचाने का काम करती थी।

  • शम्सु खान (गैंग का सरगना): 25 जुलाई को फिरोजाबाद से गिरफ्तार। उसके घर से तीन पिस्टल, 28 कारतूस और 4.10 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद की गई।


सोशल मीडिया से चलता था रैकेट, नकली नोट आते थे बिहार से

पुलिस की जांच में पता चला है कि यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए कोडेड मैसेजिंग का इस्तेमाल करके सौदे करता था। हथियार मध्य प्रदेश से आते थे, जबकि नकली करेंसी सिवान (बिहार) से मंगाई जाती थी।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के बाकी सदस्यों और उनके सप्लाई नेटवर्क की पहचान की जा रही है।


पुलिस की आगे की कार्रवाई

स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके नेटवर्क, फंडिंग स्रोत और अंतरराज्यीय सप्लाई चैन की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह उत्तर भारत के कई राज्यों में सक्रिय था और बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों की सप्लाई करता था।

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(नोट: यह रिपोर्ट दिल्ली पुलिस की कार्रवाई और प्रारंभिक जांच पर आधारित है। मामले की आगे की जांच जारी है और नई जानकारी आने पर अपडेट किया जाएगा।)

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