हरदा, मध्य प्रदेश – मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां खेल एवं युवा कल्याण विभाग में कार्यरत एक सरकारी कर्मचारी ने घरेलू गैस सिलेंडर की नली मुंह में डालकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के मुताबिक, 35 वर्षीय लक्ष्मीनारायण केवट पर ऑनलाइन गेम खेलने की लत और उससे जुड़े कर्ज का भारी दबाव था, जिसके कारण उन्होंने यह कदम उठाया।
घटना का विवरण
यह घटना शनिवार रात करीब 9:30 बजे की है। लक्ष्मीनारायण केवट, जो हरदा जिले में चपरासी के पद पर कार्यरत थे, अपने किराए के मकान में अकेले रह रहे थे। रात को पड़ोसियों ने जब दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब नहीं मिला, तो दरवाजा तोड़ा गया। अंदर का नजारा देख सभी स्तब्ध रह गए।
कमरे में एलपीजी सिलेंडर पड़ा था, जिसका रेगुलेटर खुला हुआ था और रबर की नली सीधे उनके मुंह में लगी हुई थी। गैस के प्रभाव से उनका शरीर पूरी तरह अकड़ चुका था।
शुरुआती जांच में चौंकाने वाला खुलासा
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि लक्ष्मीनारायण को लंबे समय से ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। गेमिंग में बार-बार हारने से उन्होंने लाखों रुपये का कर्ज ले लिया था। आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव ने उन्हें इतना तोड़ दिया कि उन्होंने आत्महत्या का रास्ता चुन लिया।
पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार चौकसे ने बताया कि घटना के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है और मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली जाएगी, ताकि मामले की सच्चाई सामने आ सके।
परिवार का बयान
मृतक के बड़े भाई कैलाश के अनुसार, उन्हें इस बात की सूचना पड़ोस में रहने वाली बहन ने दी। जब वह मौके पर पहुंचे, तो देखा कि लक्ष्मीनारायण के मुंह में गैस सिलेंडर की नली थी और रेगुलेटर पूरी तरह खुला हुआ था। यह दृश्य बेहद भयावह था।
परिवार का कहना है कि लक्ष्मीनारायण पहले से तनाव में थे, लेकिन उन्होंने कभी खुलकर अपनी परेशानी साझा नहीं की।
पुलिस की कार्रवाई
फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल डेटा, बैंक ट्रांजैक्शन और कर्ज से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। शुरुआती सबूतों से स्पष्ट है कि आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव ने इस दुखद घटना में अहम भूमिका निभाई।
ऑनलाइन गेम और बढ़ते खतरे
इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि ऑनलाइन गेमिंग युवाओं और नौकरीपेशा लोगों के जीवन पर कितना नकारात्मक असर डाल सकती है। कई मामलों में देखा गया है कि लोग गेम में हारने के बाद कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं और अवसाद में चले जाते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि समय रहते मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना और परिवार के साथ समस्याएं साझा करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसे कदमों को रोका जा सके।
सावधानी और समाधान
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ऑनलाइन गेमिंग में समय और पैसे की सीमा तय करें।
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मानसिक तनाव महसूस होने पर काउंसलर या डॉक्टर से सलाह लें।
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आर्थिक समस्याओं में परिवार और दोस्तों से मदद लें।
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किसी भी आत्मघाती विचार पर तुरंत हेल्पलाइन से संपर्क करें।
आत्महत्या एक गंभीर समस्या है। यदि आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो मदद लेने में संकोच न करें। आपात स्थिति में आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।
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