CBSE ओपन बुक एग्जाम 2026 से 9वीं कक्षा में लागू: जानिए नियम, फायदे और तैयारी के तरीके

CBSE ओपन बुक एग्जाम 2026 से 9वीं कक्षा में लागू

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 के लिए ओपन बुक एग्जाम (Open Book Exam) की शुरुआत करने का ऐलान किया है। इस फैसले का उद्देश्य छात्रों में रटने की आदत कम करना और उनकी सोचने-समझने की क्षमता को बढ़ाना है।


क्या है ओपन बुक एग्जाम?

ओपन बुक एग्जाम में छात्रों को परीक्षा हॉल में किताबें या नोट्स लेकर जाने की अनुमति होती है। इसका मतलब यह नहीं कि वे सीधे किताब से नकल कर सकते हैं। छात्रों को विषय को समझकर, विश्लेषण करके और अपने शब्दों में उत्तर लिखना होगा।
CBSE के अनुसार, यह तरीका छात्रों को कांसेप्ट को समझने और क्रिटिकल थिंकिंग विकसित करने के लिए प्रेरित करेगा।


किन विषयों में होगा ओपन बुक एग्जाम?

कक्षा 9 में हर सत्र में होने वाले तीन पेन-पेपर टेस्ट में भाषा, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की परीक्षाएं ओपन बुक फॉर्मेट में होंगी।

  • ये परीक्षाएं स्कूल स्तर पर होंगी।

  • छात्र अपने विषय की पाठ्यपुस्तकें और स्वयं के नोट्स लेकर परीक्षा में बैठ सकेंगे।

  • इन अंकों को आंतरिक मूल्यांकन का हिस्सा माना जाएगा और साल के बाकी टेस्ट के अंकों के साथ जोड़कर फाइनल रिजल्ट में शामिल किया जाएगा।


कैसे होगा ओपन बुक एग्जाम?

ओपन बुक एग्जाम दो तरीकों से आयोजित किए जा सकते हैं:

  1. ऑफलाइन मोड – स्कूल या परीक्षा केंद्र में छात्र किताबों और नोट्स के साथ परीक्षा देते हैं।

  2. ऑनलाइन मोड – छात्रों को पेपर डिजिटल रूप से भेजा जाता है और वे निर्धारित समय में उत्तर लिखकर सबमिट करते हैं।

दोनों ही मामलों में समय सीमा तय होगी, जिससे छात्र को जल्दी और सही तरीके से जानकारी ढूंढकर लिखनी होगी।


फायदे क्या होंगे?

  • रटने का दबाव कम होगा – छात्रों को कॉन्सेप्ट समझने पर जोर दिया जाएगा।

  • क्रिटिकल थिंकिंग विकसित होगी – छात्र जानकारी का विश्लेषण करना सीखेंगे।

  • तनाव कम होगा – परीक्षा का डर घटेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

  • जानकारी खोजने की आदत – सही स्रोत से उत्तर ढूंढने की क्षमता विकसित होगी।


पायलट टेस्ट का अनुभव

CBSE ने ओपन बुक एग्जाम लागू करने से पहले कुछ छात्रों पर पायलट टेस्ट किया।

  • छात्रों के अंक 12% से 47% के बीच रहे।

  • कई छात्रों को किताबों से सही जानकारी निकालने और अलग-अलग टॉपिक को जोड़ने में मुश्किल हुई।

  • शिक्षकों का मानना है कि अगर सेशन के दौरान प्रैक्टिस कराई जाए, तो छात्रों की परफॉर्मेंस बेहतर होगी।


पहले भी हो चुकी है कोशिश

2014 में CBSE ने ओपन टेक्स्ट बेस्ड असेसमेंट (OTBA) शुरू किया था, लेकिन 2017-18 में इसे बंद कर दिया गया। कारण यह था कि इससे अपेक्षित स्तर की आलोचनात्मक क्षमता छात्रों में विकसित नहीं हो पाई।
इस बार CBSE ऐसे सैंपल पेपर्स तैयार करेगा, जिनमें सीधे-सीधे उत्तर किताबों से न मिलें, बल्कि छात्रों को सोचकर और समझकर लिखना पड़े।


निष्कर्ष

ओपन बुक एग्जाम CBSE की एक महत्वपूर्ण और आधुनिक पहल है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लक्ष्यों के अनुरूप है। अगर छात्रों को सही मार्गदर्शन और प्रैक्टिस दी जाए, तो यह प्रणाली उनके सीखने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है।

यह भी पढ़ें:  रक्षाबंधन पर बहन ने मृत भाई की कलाई पर बांधी राखी, नासिक में तेंदुए के हमले से मासूम की मौत

One thought on “CBSE ओपन बुक एग्जाम 2026 से 9वीं कक्षा में लागू: जानिए नियम, फायदे और तैयारी के तरीके

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *