जयपुर: भारी बारिश से आमेर किले की 200 फीट लंबी दीवार गिरी, बाल-बाल बचे पर्यटक

भारी बारिश से आमेर किले की 200 फीट लंबी दीवार गिरी

तेज बारिश ने आमेर किले की दीवार को तोड़ा, बड़ा हादसा टला, प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की

जयपुर:
राजस्थान की राजधानी जयपुर में भारी बारिश ने आमेर किले को नुकसान पहुंचाया है। दिल-ए-आराम बाग की 200 फीट लंबी दीवार गिरने से एक बड़ा हादसा टल गया। यह घटना तब घटी जब किले के पास भारी बारिश के कारण दीवार का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर पड़ा। घटना के दौरान वहां मौजूद पर्यटक और लोग जोरदार आवाज सुनकर घबराए, लेकिन सौभाग्यवश कोई जनहानि नहीं हुई। प्रशासन ने इस घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए हैं।


दीवार गिरने से दहशत का माहौल, पर्यटक सहमे हुए थे

जयपुर में लगातार हो रही झमाझम बारिश के कारण किले की दीवार कमजोर हो गई थी। बारिश की तेज आवाज के साथ 200 फीट लंबी दीवार गिर गई, जिसकी आवाज सुनकर वहां मौजूद पर्यटक और स्थानीय लोग सहम गए। हालांकि, दीवार गिरने के वक्त कोई भी व्यक्ति उस जगह पर नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। बावजूद इसके, दीवार के मलबे में कुछ बाइक्स दबने से क्षतिग्रस्त हो गईं।

बारिश के मौसम में आमेर किले में देश-विदेश के पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं। अचानक दीवार गिरने की आवाज से वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।


आमेर महल अधीक्षक का बयान: सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे

घटना के बाद, आमेर महल के अधीक्षक डॉ. राकेश छोलक ने स्थिति की जानकारी दी और कहा कि भारी बारिश के कारण हाथी स्टैंड से महल तक जाने वाले रास्ते में स्थित ज्वाला माता मंदिर के सामने की दीवार भी गिर गई थी। इसके कारण वह रास्ता और दीवार काफी कमजोर हो गई हैं।

डॉ. छोलक ने कहा, “अब इस रास्ते से हाथी सवारी करना सुरक्षित नहीं रह गया है, इसलिए आमेर महल में होने वाली हाथी सवारी को अग्रिम आदेश तक रोक दिया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा अधिकारियों और मौसम विभाग के साथ मिलकर इस क्षेत्र की सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा ताकि आने वाले समय में ऐसे हादसे न हों।


सुरक्षा इंतजामों में सुधार की योजना

जयपुर प्रशासन ने घोषणा की है कि अब आमेर महल और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा। विशेष सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे, ताकि पर्यटकों को सुरक्षित अनुभव मिल सके और इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। इसके अलावा, जयपुरवासियों और पर्यटकों के लिए यह सावधानी बरतने का समय है, ताकि मौसम के कारण कोई अनहोनी न हो।


मौसम के कारण बढ़ी चिंताएं

बारिश के मौसम में आमेर किले जैसे ऐतिहासिक स्थल पर सुरक्षा की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है, क्योंकि भारी बारिश से दीवारों और संरचनाओं पर दबाव बढ़ जाता है। आमेर किला, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल में शामिल है, अब विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्यकता है।

प्रशासन ने किले में हाथी सवारी की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए हैं और इसमें सुधार की योजना बनाई है। इसके साथ ही सभी पर्यटकों को भी मौसम के अनुसार सुरक्षित रहने के निर्देश दिए गए हैं।


निष्कर्ष: सुरक्षा इंतजामों का महत्व

आमेर किले जैसी ऐतिहासिक धरोहरों के रख-रखाव और सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। यह घटना एक चेतावनी के रूप में आई है कि मौसम की स्थिति का आकलन करके सुरक्षा इंतजामों को समय पर सुधारना अत्यंत आवश्यक है। प्रशासन को इस मामले में तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि आने वाले दिनों में किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचा जा सके।

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