अस्पताल की असिस्टेंट प्रोफेसर बनी शिकार
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) में तैनात एक महिला असिस्टेंट प्रोफेसर को लंबे समय से एक सिरफिरे शख्स द्वारा परेशान किया जा रहा था। महिला डॉक्टर ने बताया कि आरोपी रोजाना सैकड़ों कॉल करता और हजारों अश्लील मैसेज भेजकर उत्पीड़न करता था।
1090 हेल्पलाइन पर की थी शिकायत
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने कई महीनों से उन्हें फोन कॉल और मैसेज भेजकर परेशान किया।
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एक दिन में 1000 से अधिक कॉल
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और 5000 से ज्यादा अश्लील मैसेज व फोटो
इस हरकत से तंग आकर डॉक्टर ने 12 मई 2025 को 1090 वीमेन हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, उस समय हेल्पलाइन ने केवल चेतावनी देकर आरोपी को छोड़ दिया था।
41 वर्षीय आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार, आरोपी का नाम महेश तिवारी है, जिसकी उम्र 41 साल है और वह बस्ती जिले का रहने वाला है।
चेतावनी मिलने के बाद भी आरोपी ने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं और महिला डॉक्टर को लगातार परेशान करता रहा।
पीड़िता का पीछा करते हुए पहुंचा फ्लैट तक
19 अगस्त की शाम जब डॉक्टर OPD से निकलकर अपने फैकल्टी अपार्टमेंट लौट रही थीं, तभी आरोपी ने उनका पीछा किया।
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जैसे ही डॉक्टर लिफ्ट का इंतजार कर रही थीं, उन्होंने आरोपी को पास खड़ा देखा।
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घबराकर महिला ने शोर मचाया।
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मौके पर मौजूद सिक्योरिटी गार्ड्स तुरंत हरकत में आए और आरोपी को पकड़ लिया।
इसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
महिला प्रोफेसर ने घटना के संबंध में विभूतिखंड थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।
इंस्पेक्टर सुनील सिंह ने बताया:
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आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
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अब पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
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पुलिस का प्रयास है कि भविष्य में पीड़िता को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह मामला एक बार फिर से महिला सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करता है। हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज होने के बावजूद आरोपी पर तुरंत कड़ी कार्रवाई न होने से पीड़िता को लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न सहना पड़ा।
सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई और मांग की कि ऐसे मामलों में आरोपी को कड़ी सजा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई और महिला इस तरह की परेशानी का सामना न करे।
निष्कर्ष
लखनऊ की इस घटना ने यह साबित कर दिया है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल हेल्पलाइन या चेतावनी काफी नहीं है। जरूरत है कि ऐसे मामलों में तत्काल और सख्त कदम उठाए जाएं। पीड़िता को राहत है कि आरोपी अब जेल में है, लेकिन यह घटना अन्य महिलाओं के लिए चेतावनी भी है कि उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत करें और कानूनी कार्रवाई की मांग करें।
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