रात 8 बजे हादसे से फैली दहशत
दिल्ली में सोमवार की रात बड़ा हादसा हुआ, जब सड़क किनारे रखे एलपीजी (LPG) सिलेंडर में आग लगने से जोरदार धमाका हो गया। यह घटना रात करीब 8 बजे हुई। आग की लपटें सिलेंडर तक पहुंचीं और ब्लास्ट हो गया। इसके तुरंत बाद पास में खड़ी स्कूटी भी आग की चपेट में आ गई और उसका पेट्रोल टैंक फट गया। दोहरे धमाकों से मौके पर अफरातफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए।
चाय की दुकान से शुरू हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जहां हादसा हुआ, वहां भानु नाम का युवक चाय की दुकान चलाता है। उसने अपना सामान, जिसमें LPG सिलेंडर भी था, दुकान के पास पैनल किनारे रखा था। अचानक लगी आग सिलेंडर तक पहुंच गई और धमाका हो गया।
इसके साथ ही स्कूटी का टैंक भी फट गया, जिससे आग और फैल गई। तेज धमाकों के कारण लोग घबराकर इधर-उधर भागने लगे।
दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर विभाग की तीन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकलकर्मियों ने लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
फायर अधिकारियों ने बताया कि आग तेजी से फैल रही थी। गनीमत रही कि समय रहते आग बुझा दी गई, वरना नुकसान और बड़ा हो सकता था।
बड़ा हादसा टल गया
जहां आग लगी, उस इमारत की पहली और दूसरी मंजिल उस समय खाली थीं। पहली मंजिल पर एक ऑफिस और दूसरी मंजिल पर रिहायशी मकान था। यदि वहां लोग मौजूद होते, तो जनहानि हो सकती थी।
फायर विभाग ने कहा कि त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया।
पुलिस जांच में जुटी
दिल्ली पुलिस ने मामले की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई गई है।
पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही पूरी जांच रिपोर्ट सामने आएगी।
इलाके में दहशत और नाराज़गी
हादसे के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोगों ने कहा कि प्रशासन को पहले से सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए थे।
लोगों ने शिकायत की कि व्यावसायिक इलाकों में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि दुकानों में सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग के नियम सख्ती से लागू किए जाएं।
सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर आग से सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि LPG सिलेंडर का गलत तरीके से स्टोरेज और सुरक्षा मानकों की अनदेखी, ऐसे हादसों को जन्म देती है।
बचाव के उपाय
विशेषज्ञों का सुझाव है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए–
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सिलेंडर हमेशा सुरक्षित और हवादार जगह पर रखें।
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दुकानों की वायरिंग की समय-समय पर जांच हो।
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छोटे फायर एक्सटिंग्विशर हर दुकान में मौजूद हों।
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प्रशासन नियमित जांच और मॉक ड्रिल करे।
निष्कर्ष
दिल्ली का यह हादसा चेतावनी है कि अगर सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया तो भविष्य में और गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। गनीमत रही कि इस बार जनहानि नहीं हुई। अब प्रशासन और स्थानीय लोगों की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा को प्राथमिकता दें और इस तरह के हादसों से बचाव करें।
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