घटना ने उठाए कई सवाल
उत्तर प्रदेश के नोएडा सेक्टर-31 स्थित एक निजी स्कूल में कक्षा 6 की छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना ने अभिभावकों और स्थानीय लोगों के बीच चिंता और गुस्से को जन्म दिया है। मृतका की मां ने स्कूल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपनी बेटी को पूरी तरह स्वस्थ अवस्था में स्कूल छोड़कर गई थीं।
मां का दर्द: “फूल जैसी बेटी थी, परियों जैसे पाला था”
घटना के दो सप्ताह बाद छात्रा की मां ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा:
“मैंने अपनी बेटी को 4 सितंबर को स्कूल के टीचर्स डे कार्यक्रम में सही-सलामत छोड़ा था। कुछ देर बाद मुझे फोन आया और स्कूल पहुंचने पर बताया गया कि मेरी बेटी ‘ब्रॉड डेड’ है। मेरी फूल जैसी बेटी अब कभी वापस नहीं आएगी। मुझे जानने का हक है कि आखिर उसके साथ क्या हुआ। मुझे न्याय चाहिए।”
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग बच्ची के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं।
परिजनों का आरोप: समय पर इलाज नहीं मिला
परिजनों का कहना है कि छात्रा पूरी तरह स्वस्थ थी। अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर स्कूल प्रशासन ने न तो समय रहते उचित इलाज दिया और न ही तुरंत अस्पताल पहुंचाया। यही देरी छात्रा की मौत का कारण बनी। परिवार लगातार यह आरोप लगा रहा है कि यदि समय पर कदम उठाए जाते, तो बच्ची की जान बच सकती थी।
पुलिस की जांच जारी
इस मामले में पुलिस ने बताया कि जांच की प्रक्रिया जारी है। छात्रा के शव का पोस्टमार्टम किया गया है और विसरा सुरक्षित कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट होगी और उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर न्याय की मांग
मृतका की मां का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर #JusticeForStudent जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं। लोग बच्ची के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं और स्कूल प्रशासन पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कई यूजर्स ने शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं की अनिवार्यता पर भी चर्चा शुरू कर दी है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
यह घटना स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर बड़े सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि हर स्कूल में बेसिक मेडिकल सुविधाएं और प्रशिक्षित स्टाफ होना अनिवार्य है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
निष्कर्ष
नोएडा के इस निजी स्कूल में छात्रा की मौत केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल उठाती है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल की लापरवाही ने उनकी बच्ची की जान ले ली, जबकि पुलिस की जांच अभी जारी है। इस बीच, मृतका की मां और परिजन लगातार न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
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