अहमदाबाद |
गुजरात एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन ISIS से जुड़े तीन आतंकियों को अहमदाबाद से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इन आतंकियों ने लखनऊ स्थित RSS दफ्तर और दिल्ली की आजादपुर मंडी की रेकी की थी। दोनों जगहों को आतंकी हमले के संभावित टारगेट के रूप में चुना गया था।
🔹 ज्वाइंट ऑपरेशन में तीन आतंकी गिरफ्तार
गुजरात ATS ने सेंट्रल एजेंसियों के साथ मिलकर यह संयुक्त ऑपरेशन चलाया। गिरफ्तार आतंकियों की पहचान आजाद सुलेमान शेख, मोहम्मद सुहैल, और अहमद मोहियुद्दीन सैयद के रूप में हुई है। इनमें से दो आरोपी उत्तर प्रदेश और एक हैदराबाद का रहने वाला है।
एजेंसियों को इनकी गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद अहमदाबाद में छापेमारी की गई। तीनों को शुक्रवार रात गिरफ्तार किया गया और उनके पास से चार विदेशी पिस्तौल, 30 कारतूस, और 40 लीटर कैस्टर ऑयल बरामद हुआ।
🔹 RSS दफ्तर और आजादपुर मंडी की की थी रेकी
जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यालय और दिल्ली की आजादपुर मंडी की रेकी की थी।
इन दोनों जगहों को भीड़भाड़ और सांकेतिक महत्व के कारण संभावित निशाने के तौर पर चुना गया था। एजेंसियों का मानना है कि हमले की योजना बन चुकी थी और तैयारी लगभग पूरी थी, लेकिन समय रहते ATS ने साजिश को नाकाम कर दिया।
🔹 हथियार राजस्थान से लाकर कब्रिस्तान में छिपाए
सूत्रों के मुताबिक, शेख और सुहैल ने राजस्थान के हनुमानगढ़ से हथियार जुटाए थे। इन हथियारों को गांधीनगर के एक कब्रिस्तान में छिपाया गया था, जहां से इन्हें आगे भेजने की तैयारी थी।
मोहियुद्दीन, जो हैदराबाद का रहने वाला है, को इन हथियारों को लेकर लौटना था। लेकिन गुजरात ATS ने पहले ही कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
🔹 मोबाइल डेटा से खुला पूरे मॉड्यूल का राज
ATS की टीम ने जब मोहियुद्दीन का मोबाइल फोन खंगाला, तो उसमें से कई चौंकाने वाली जानकारियाँ सामने आईं। मोबाइल रिकॉर्ड से उसके दोनों साथियों से नियमित संपर्क, फंड ट्रांजैक्शन, और ISIS मॉड्यूल की गतिविधियों का पता चला।
इन सबूतों के आधार पर ATS ने उसके बाकी साथियों को भी गिरफ्तार किया। इसके बाद सभी से लगातार पूछताछ जारी है।
🔹 डॉक्टर से बना आतंकी, ISIS-खुरासान से कनेक्शन
गुजरात ATS के DIG सुनील जोशी ने बताया कि अहमद मोहियुद्दीन सैयद एक उच्च शिक्षित व्यक्ति है, जिसने चीन से MBBS की पढ़ाई की है।
जांच में पता चला है कि वह ISIS-खुरासान प्रांत के सदस्य अबू खादिम से संपर्क में था। अबू खादिम ने उसे भारत में भर्ती अभियान और फंड जुटाने की जिम्मेदारी दी थी।
ATS का कहना है कि मोहियुद्दीन ऑनलाइन प्रोपेगेंडा के ज़रिए युवाओं को गुमराह कर आतंक की राह पर लाने की कोशिश कर रहा था।
🔹 साइनाइड से जहरीला पदार्थ बनाने की तैयारी
जांच के दौरान ATS को यह भी जानकारी मिली कि मोहियुद्दीन साइनाइड का इस्तेमाल कर जहरीला पदार्थ तैयार कर रहा था। वह रासायनिक हमले की योजना पर भी काम कर रहा था।
फिलहाल एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि साइनाइड उसे कहां से मिला और उसका इस्तेमाल कहां होने वाला था।
🔹 स्लीपर सेल्स की तलाश में जुटी एजेंसियां
गुजरात ATS और केंद्रीय एजेंसियां अब यह पता लगाने में लगी हैं कि इन तीनों आतंकियों के नेटवर्क में कितने स्लीपर सेल सक्रिय हैं।
सूत्रों के अनुसार, यह नेटवर्क गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, राजस्थान और दिल्ली तक फैला हुआ हो सकता है। हथियारों की सप्लाई, फंडिंग चैनल और डिजिटल संपर्कों की डिटेल ट्रैकिंग जारी है।
🔹 सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाई निगरानी
इस खुलासे के बाद लखनऊ में RSS कार्यालय और दिल्ली की आजादपुर मंडी सहित कई संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ATS के अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई एक बड़े आतंकी नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में पहला कदम है।
🔸 निष्कर्ष
गुजरात ATS की इस सफलता ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को विफल कर दिया है।
गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि ISIS अब भी भारत में सक्रिय मॉड्यूल्स के ज़रिए भर्ती और हथियारबंदी की कोशिश कर रहा है।
हालांकि ATS और केंद्रीय एजेंसियों की सतर्कता ने देश को एक और संभावित आतंक हमले से बचा लिया है।
One thought on “लखनऊ RSS दफ्तर और दिल्ली आजादपुर मंडी पर हमला करने की साजिश नाकाम, गुजरात ATS ने पकड़े तीन ISIS आतंकी”