पटना |
बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। अकिलपुर थाना क्षेत्र के मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव में एक मकान की छत गिरने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है।
🔹 नींद में समा गया पूरा परिवार
घटना रविवार रात करीब पौने दस बजे की है। हादसे के वक्त परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। अचानक मकान की छत भरभराकर गिर पड़ी, जिससे बबलू खान (32), उनकी पत्नी रौशन खातून (30), बेटा मोहम्मद चांद (10) और बेटियां रूकशार (12) व चांदनी (2) मलबे में दब गए।
आसपास के लोगों ने जब जोरदार आवाज सुनी तो वे मौके पर दौड़े और राहत कार्य शुरू किया। सूचना पाकर अकिलपुर थाना पुलिस भी तुरंत पहुंची और ग्रामीणों की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। लेकिन जब तक सबको बाहर निकाला गया, तब तक पांचों की जान जा चुकी थी।
🔹 गांव में पसरा मातम, चारों ओर चीख-पुकार
हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। आसपास के लोग बबलू के घर पर जुट गए। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के कई लोग देर रात तक राहत कार्य में जुटे रहे।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मकान की दीवारें और छत काफी पुरानी थीं। बारिश और नमी की वजह से उनमें दरारें आ गई थीं। परिवार गरीब था, इसलिए मकान की मरम्मत नहीं करवा सका।
🔹 नमी और पुरानी छत बनी मौत का कारण
अकिलपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि मकान की छत बहुत पुरानी थी। लगातार बारिश और नमी के कारण छत कमजोर हो गई थी और रविवार रात अचानक भरभराकर गिर गई।
उन्होंने बताया कि हादसे के सही कारणों की तकनीकी जांच की जा रही है। वहीं, प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया गया है।
🔹 प्रशासन और पुलिस मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही दानापुर अनुमंडल अधिकारी और पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। सभी शवों को कब्जे में लेकर दानापुर अनुमंडल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से मुआवजा राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
🔹 स्थानीय लोगों ने की मुआवजे की मांग
गांव के लोगों ने जिला प्रशासन से त्वरित मुआवजा और पुनर्वास सहायता की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि परिवार बेहद गरीब था और अब उनके पास रहने के लिए छत तक नहीं बची है। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि गांव में ऐसे पुराने और जर्जर मकानों का सर्वे कराया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों।
🔹 अधिकारियों ने जताया दुख
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि
“यह बेहद दर्दनाक घटना है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। साथ ही, गांव के पुराने मकानों की सुरक्षा जांच कराई जाएगी।”
🔸 पूरे इलाके में पसरा सन्नाटा
दानापुर का यह हादसा इलाके के लिए एक कड़वी चेतावनी बन गया है। लगातार बारिश और पुराने मकानों की जर्जर स्थिति अब जनजीवन के लिए खतरा बनती जा रही है। ग्रामीण प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि ऐसे घरों की तुरंत मरम्मत या पुनर्निर्माण के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए।
📌 मुख्य तथ्य एक नजर में:
-
हादसा: मकान की छत गिरने से एक परिवार के पांच लोगों की मौत
-
स्थान: मानस नया पानापुर 42 पट्टी गांव, थाना अकिलपुर, दानापुर (पटना)
-
मृतक: बबलू खान (32), रौशन खातून (30), रूकशार (12), मोहम्मद चांद (10), चांदनी (2)
-
कारण: पुराना मकान और नमी के कारण कमजोर हुई छत
-
कार्रवाई: शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए, मुआवजा प्रक्रिया शुरू
🔹 निष्कर्ष
दानापुर में हुई यह दर्दनाक दुर्घटना बिहार में जर्जर मकानों और अव्यवस्थित शहरी निर्माण की गंभीर स्थिति को उजागर करती है। गरीब परिवारों के लिए यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता का परिणाम है। प्रशासन को अब ऐसी घटनाओं से सबक लेते हुए सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना होगा।
One thought on “दानापुर हादसा: एक ही परिवार के पांच लोगों की दर्दनाक मौत, मकान की छत गिरने से मचा कोहराम”