श्रीनगर नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट: 9 की मौत, 27 घायल और 300 फीट दूर मिले मानव अवशेष – IED या मानवीय चूक? जांच तेज

9 की मौत, 27 घायल और 300 फीट दूर मिले मानव अवशेष – IED या मानवीय चूक?

नौगाम पुलिस स्टेशन में भीषण धमाका, इलाके में मचा हड़कंप

श्रीनगर के दक्षिणी इलाके नौगाम में शुक्रवार देर रात हुए भीषण धमाके ने पूरे क्षेत्र को दहशत में डाल दिया। रात करीब 11:22 बजे हुए इस विस्फोट में 9 लोगों की मौत और 27 लोग घायल हो गए। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। धमाका इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन का बड़ा हिस्सा ढह गया और आसपास खड़े कई वाहन पूरी तरह जलकर खाक हो गए।

धमाके की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मानव अंग 300 फीट दूर तक बिखरे मिले। घटनास्थल से लगातार छोटे-छोटे धमाके भी होते रहे, जिसकी वजह से राहत-अभियान शुरू करने में लगभग एक घंटे की देरी हुई।


CCTV फुटेज में दिखा भयानक मंजर

CCTV फुटेज और चश्मदीदों के मुताबिक, धमाके के तुरंत बाद आग और धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठ गया। रात के समय अचानक हुई इस घटना से पूरा इलाका अफरा-तफरी में बदल गया। दमकल दल व एंबुलेंस कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया।


जांच के दो बड़े एंगल – लापरवाही या आतंकी साजिश?

सुरक्षा एजेंसियां धमाके के दो मुख्य एंगल की जांच कर रही हैं:

1. लापरवाही का एंगल

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि पुलिस स्टेशन में जब्त किए गए लगभग 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट को सील करने की प्रक्रिया के दौरान विस्फोट हो गया।
अमोनियम नाइट्रेट एक अत्यंत संवेदनशील रसायन है, जिसे हैंडल करते समय जरा सी चूक बड़े हादसे को जन्म दे सकती है।

2. आतंकी साजिश का एंगल

दूसरा और अधिक गंभीर एंगल IED हमले की तरफ संकेत करता है। पुलिस स्टेशन परिसर में एक जब्तशुदा कार खड़ी थी, जिसे पहले अवैध गतिविधियों के शक में पकड़ा गया था।
संदेह है कि कार में पहले से IED लगाया गया था, जो फटने के बाद पास में रखे अमोनियम नाइट्रेट को भी डेटोनेट कर गया।

घटना के बाद जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े शैडो ग्रुप PAFF ने इसकी जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही होगी।


डॉक्टरों वाले टेरर मॉड्यूल की कड़ी फिर सामने

नौगाम पुलिस स्टेशन वही जगह है जहाँ हाल में इंटर-स्टेट टेरर मॉड्यूल के खिलाफ पहली FIR दर्ज हुई थी।
यही वह मामला है जिसमें हरियाणा के फरीदाबाद से डॉक्टर मुजम्मिल गनई को गिरफ्तार किया गया था। उसके किराये के घर से भारी मात्रा में विस्फोटक मिला था।

अब तक की जांच में एजेंसियां 2,900 किलो से अधिक विस्फोटक बरामद कर चुकी हैं, जो एक बड़े आतंकी नेटवर्क की ओर इशारा करता है।


दिल्ली लालकिला ब्लास्ट से भी जोड़कर देख रहीं एजेंसियां

नौगाम धमाका ऐसे समय हुआ है जब इसी हफ्ते दिल्ली के लालकिला के पास कार विस्फोट में 13 लोगों की मौत हुई थी। शुरुआती जांच दोनों घटनाओं में एक जैसे रसायनों और माड्यूल की ओर संकेत दे रही है।

इसी को देखते हुए जम्मू-कश्मीर में हाई-एलर्ट जारी कर दिया गया है।
DGP नलिन प्रभात ने सुरक्षा समीक्षा की और सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।


राहत और बचाव जारी, मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका

मलबा हटाने का काम अभी भी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे और लोग दबे हो सकते हैं। अस्पताल प्रशासन को हाई-एलर्ट पर रखा गया है और सभी घायलों का इलाज युद्धस्तर पर किया जा रहा है।


कुल मिलाकर…

नौगाम पुलिस स्टेशन में हुआ यह धमाका सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा सवाल है।
क्या यह एक मानवीय चूक थी या एक सुनियोजित आतंकी हमला—इस पर अभी जांच जारी है।
NIA, SOG और बम स्क्वाड की टीमें लगातार मौके पर मौजूद हैं और हर संभावित एंगल की जांच कर रही हैं।

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