PM मोदी का ओमान दौरा: भारत-ओमान CEPA पर मुहर की तैयारी, कारोबारियों ने बताया ‘गेमचेंजर’

भारत-ओमान CEPA पर मुहर की तैयारी

मस्कट/नई दिल्ली:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर ओमान रवाना हो चुके हैं। इस यात्रा के दौरान भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर होने की प्रबल संभावना है। ओमान के उद्योग जगत का मानना है कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार, निवेश, रोजगार और आर्थिक विविधीकरण के लिए निर्णायक मोड़ साबित होगा।


भारत-ओमान CEPA से क्या बदलेगा?

भारत-ओमान CEPA का उद्देश्य व्यापारिक बाधाओं को कम करना, कस्टम ड्यूटी में राहत देना और सेवाओं व निवेश के लिए नए अवसर खोलना है। दोनों देशों के कारोबारी इसे लंबी अवधि की साझेदारी का रोडमैप बता रहे हैं, जिससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।


ओमानी उद्योग जगत में उत्साह

ओमान की प्रमुख कारोबारी कंपनी खिमजी रामदास ग्रुप के निदेशक अजय खिमजी ने प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को दोनों देशों के लिए सम्मान की बात बताया। उन्होंने कहा कि यह दौरा भारत और ओमान के बीच गहरे रणनीतिक भरोसे की पुष्टि करता है।

“आने वाले 100 वर्षों की साझा सोच”

अजय खिमजी के अनुसार,

“भारत-ओमान मुक्त व्यापार समझौता सिर्फ एक दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले दशकों के लिए साझा सोच की घोषणा है। यह व्यापार, निवेश और सेवाओं में मौजूद अड़चनों को हटाकर अभूतपूर्व संभावनाएं पैदा करेगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि CEPA से न केवल व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे, बल्कि सांस्कृतिक आदान-प्रदान को भी नई गति मिलेगी।


व्यापार और रोजगार को मिलेगी रफ्तार

ओमान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (OCCI) की फॉरेन इन्वेस्टमेंट कमेटी के उपाध्यक्ष डेविस कल्लुकारन ने CEPA को ओमान के कारोबारी माहौल के लिए “बिग चेंज” बताया।
उनके मुताबिक, वर्तमान में भारत-ओमान का द्विपक्षीय व्यापार करीब 12 अरब डॉलर का है, जो CEPA लागू होने के बाद कई गुना बढ़ सकता है।

उन्होंने कहा कि कस्टम ड्यूटी में छूट और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से निर्यात, आयात और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।


दोनों देशों को कैसे होगा फायदा?

  • भारत के लिए: ओमान पश्चिमी देशों, अफ्रीका और खाड़ी क्षेत्र तक पहुंच का अहम गेटवे बन सकता है।

  • ओमान के लिए: भारत के 140 करोड़ उपभोक्ताओं वाले विशाल बाजार तक सीधी पहुंच मिलेगी।

कल्लुकारन ने यह भी कहा कि ओमान के पास तकनीक, कुशल मानव संसाधन और विशेषज्ञता है, जबकि भारत एक बड़ा और तेज़ी से बढ़ता बाजार है—यह साझेदारी दोनों के लिए लाभकारी है।


ओमान विज़न 2040 से जुड़ा CEPA

CEPA को ओमान विज़न 2040 से भी जोड़ा जा रहा है, जिसमें कृषि, आईटी, पर्यटन, खनन और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी गई है।
इस विज़न के तहत:

  • हर साल 1.1 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने का लक्ष्य

  • लॉजिस्टिक्स से 36 अरब डॉलर और मैन्युफैक्चरिंग से 26.8 अरब डॉलर की आय

  • डिजिटल इकोनॉमी का GDP में योगदान 5–10% तक बढ़ाने की योजना


प्रधानमंत्री मोदी का कार्यक्रम

प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान:

  • ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल सईद से द्विपक्षीय वार्ता

  • भारत-ओमान बिजनेस फोरम में भागीदारी

  • भारतीय समुदाय और छात्रों से संवाद

  • रक्षा और रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा

भारत के ओमान में राजदूत गोदावर्थी वेंकट श्रीनिवास ने इस दौरे को समयोचित बताते हुए कहा कि 2018 के बाद से रिश्तों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है और अब साझेदारी को अगले स्तर पर ले जाने का सही समय है।

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