मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने चीनी मांझे (चाइनीज मांझा) के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को इसके प्रतिबंध को पूरी मजबूती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने स्पष्ट कहा है कि अगर कोई नाबालिग प्रतिबंधित चीनी मांझे से पतंग उड़ाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावकों को भी कानूनी रूप से जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
हाई कोर्ट का स्पष्ट संदेश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
न्यायमूर्ति विजय कुमार शुक्ला और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि चीनी मांझा न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह आम जनता के लिए जानलेवा भी साबित हो रहा है। इसलिए इसके उपयोग और बिक्री को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाना जरूरी है।
अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि लोगों को यह जानकारी दी जाए कि यदि चीनी मांझे की वजह से कोई घायल होता है या किसी की मौत होती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। यह धारा पहले आईपीसी की धारा 304-ए के समान है, जो लापरवाही से मौत के मामलों में लागू होती थी।
नाबालिग के मामले में अभिभावक होंगे जिम्मेदार
हाई कोर्ट ने साफ किया कि यदि कोई नाबालिग चीनी नायलॉन मांझे से पतंग उड़ाता हुआ पाया जाता है, तो यह मान लिया जाएगा कि इसके लिए उसके माता-पिता या अभिभावक जिम्मेदार हैं। ऐसे मामलों में उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। अदालत का मानना है कि बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखना अभिभावकों की जिम्मेदारी है।
स्वतः संज्ञान के बाद सुनवाई
अदालत ने 11 दिसंबर 2025 को चीनी मांझे से हुई मौतों और गंभीर हादसों को लेकर स्वतः संज्ञान लिया था। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने बताया कि चीनी मांझे की बिक्री पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है और जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से अभियान भी चलाए जाएंगे।
इंदौर में दो मौतों से बढ़ी चिंता
सुनवाई के दौरान इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने अदालत को जानकारी दी कि निर्देशों के पालन में प्रशासन जल्द ही सख्त आदेश जारी करेगा, जिन्हें आसपास के जिलों में भी लागू किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, बीते डेढ़ महीने में इंदौर में चीनी मांझे से गला कटने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक 16 वर्षीय किशोर और एक 45 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो चुकी है।
इन घटनाओं के बावजूद कुछ लोग पतंगबाजी में प्रतिस्पर्धा के नाम पर अब भी प्रतिबंधित और खतरनाक चीनी मांझे का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
जनता से अपील: सुरक्षित मांझे का ही करें इस्तेमाल
हाई कोर्ट और प्रशासन दोनों ने लोगों से अपील की है कि पतंग उड़ाने के दौरान केवल सुरक्षित और वैध सूती मांझे का ही उपयोग करें। चीनी मांझा न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि यह राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और पक्षियों के लिए भी बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
यह आदेश राज्य में पतंगबाजी के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने और जानलेवा हादसों पर रोक लगाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।