नई दिल्ली/धार:
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता नजर आ रहा है। बसंत पंचमी और जुमे की नमाज एक ही दिन पड़ने के कारण उत्पन्न स्थिति पर आज सुप्रीम कोर्ट में बड़ी सुनवाई होने जा रही है। हिंदू पक्ष ने अदालत से मांग की है कि बसंत पंचमी के दिन पूरे समय केवल सरस्वती पूजा की अनुमति दी जाए और जुमे की नमाज पर रोक लगाई जाए।
बसंत पंचमी और शुक्रवार एक ही दिन, बढ़ा विवाद
इस वर्ष 23 जनवरी को बसंत पंचमी और शुक्रवार एक साथ पड़ रहे हैं। इसी को लेकर भोजशाला परिसर में पूजा और नमाज को लेकर टकराव की स्थिति बन गई है। हिंदू पक्ष का कहना है कि बसंत पंचमी मां सरस्वती की आराधना का विशेष पर्व है, इसलिए उस दिन पूरे परिसर में केवल पूजा की अनुमति मिलनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट में हिंदू पक्ष की याचिका
हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें आग्रह किया गया है कि बसंत पंचमी के दिन मुस्लिम समुदाय की नमाज-ए-जुमा पर रोक लगाई जाए और केवल हिंदुओं को दिनभर सरस्वती पूजा करने की अनुमति दी जाए।
इसके साथ ही याचिका में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राज्य सरकार को पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देने की भी मांग की गई है, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने।
ASI के 2003 के आदेश का हवाला
याचिका में बताया गया है कि भोजशाला परिसर को लेकर ASI ने 7 अप्रैल 2003 को एक आदेश जारी किया था। इस आदेश के अनुसार:
-
हिंदुओं को हर मंगलवार और बसंत पंचमी के दिन पूजा की अनुमति है
-
मुस्लिम समुदाय को हर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज पढ़ने की इजाजत है
हालांकि, हिंदू पक्ष का कहना है कि यह आदेश इस स्थिति पर स्पष्ट नहीं है कि अगर बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़े, तो प्राथमिकता किसे मिलेगी।
हिंदू पक्ष का दावा: भोजशाला में है सरस्वती मंदिर
याचिका में यह भी कहा गया है कि भोजशाला परिसर में मां वागदेवी (सरस्वती) का प्राचीन मंदिर स्थित है, जिसका निर्माण 11वीं सदी में परमार वंश के राजा भोज ने कराया था। ऐतिहासिक रूप से यहां सरस्वती पूजा होती रही है और यह स्थान हिंदुओं के लिए अत्यंत आस्था का केंद्र है।
कोर्ट से त्वरित सुनवाई की मांग
बसंत पंचमी से ठीक एक दिन पहले स्थिति स्पष्ट करने के लिए हिंदू पक्ष ने सुप्रीम कोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने आज मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर नजर
प्रशासन भी इस पूरे मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है। किसी भी तरह के तनाव या कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही आगे की स्थिति साफ हो पाएगी।
निष्कर्ष
भोजशाला विवाद एक बार फिर संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से यह तय होगा कि बसंत पंचमी के दिन पूजा और नमाज के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा। पूरे देश की नजरें अब इस अहम फैसले पर टिकी हुई हैं।
One thought on “भोजशाला विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई आज, बसंत पंचमी और जुमे की नमाज को लेकर टकराव”