महासमुंद में 5 क्विंटल गांजा बरामद, बड़ा खुलासा
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि तस्करी का सरगना कोई आम अपराधी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों द्वारा फॉलो किया जाने वाला सोशल मीडिया स्टार निकला। आरोपी के यूट्यूब पर 56 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर और इंस्टाग्राम पर 3 लाख से अधिक फॉलोअर हैं।
एंबुलेंस से हो रही थी गांजा तस्करी
पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान एक एंबुलेंस को रोका, जिसकी तलाशी लेने पर उसमें से 5 क्विंटल 20 किलो गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 2 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने पूरे नेटवर्क की गहन जांच शुरू की।
कौन है आरोपी सोशल मीडिया स्टार?
गिरफ्तार आरोपी का नाम आकाश जाधव है, जो अहिल्यापुर, महाराष्ट्र का रहने वाला है। आकाश खुद को सर्प मित्र (स्नेक रेस्क्यू एक्सपर्ट) के रूप में सोशल मीडिया पर पेश करता था। वह सांपों को पकड़ने और बचाने से जुड़े वीडियो बनाकर यूट्यूब और इंस्टाग्राम पर पोस्ट करता था, जिससे उसकी एक सकारात्मक और पर्यावरण प्रेमी छवि बनी हुई थी।
स्नेक रेस्क्यू की आड़ में ड्रग्स का कारोबार
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आकाश जाधव सांपों के रेस्क्यू के काम की आड़ में गांजा तस्करी कर रहा था। जांच में सामने आया है कि वह ओडिशा से गांजा लेकर महाराष्ट्र, खासतौर पर पुणे तक सप्लाई करता था।
सोशल मीडिया पर उसकी पहचान सर्प मित्र के रूप में थी, लेकिन हकीकत में वह लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार में शामिल था।
9 आरोपियों पर पुलिस की कार्रवाई
महासमुंद पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बताया कि इस पूरे ऑपरेशन को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) और कोमाखान थाना पुलिस ने मिलकर अंजाम दिया। जांच के दौरान गांजा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े
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थोक विक्रेता
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परिवहन करने वाले
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थोक खरीदार
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और फुटकर सप्लायर
सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पहले भी कर चुका था कई बार तस्करी
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि आकाश जाधव पिछले एक साल में 6 से 7 बार ओडिशा से बड़ी मात्रा में गांजा महाराष्ट्र ले जा चुका है। एंबुलेंस का इस्तेमाल इसलिए किया जा रहा था ताकि पुलिस को शक न हो और चेकिंग से आसानी से बचा जा सके।
सोशल मीडिया की चमक के पीछे काला सच
यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि सोशल मीडिया पर बनाई गई छवि हमेशा सच्चाई नहीं होती। लाखों फॉलोअर्स और सब्सक्राइबर्स के बावजूद आरोपी कानून से बच नहीं सका।
निष्कर्ष
महासमुंद गांजा तस्करी केस ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी अब नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और संयुक्त कार्रवाई से एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।
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