मैसूर में NCB ने तोड़ा ड्रग सिंडिकेट: 10 करोड़ की मेफेड्रोन, लैब और केमिकल बरामद

10 करोड़ की मेफेड्रोन, लैब और केमिकल बरामद

NCB की बड़ी कार्रवाई में सामने आया अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क

ड्रग तस्करी के खिलाफ जारी अभियान के तहत नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में मैसूर (कर्नाटक) में अवैध रूप से संचालित मेफेड्रोन (MD) ड्रग बनाने की लैब का पता चला है। इस गिरोह के खिलाफ की गई छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स, कैश और बड़ी मात्रा में केमिकल जब्त किए गए हैं।


सूरत में फॉर्च्यूनर से 35 किलोग्राम मेफेड्रोन बरामद

एनसीबी को इस गिरोह के बारे में सूचना मिली थी। इसी जानकारी के आधार पर 28 जनवरी को गुजरात के सूरत जिले के पलसाना इलाके में कार्रवाई की गई। यहां चेकिंग के दौरान कर्नाटक नंबर की एक फॉर्च्यूनर को रोका गया। जब एनसीबी टीम ने वाहन की तलाशी ली, तो उसमें से करीब 35 किलोग्राम मेफेड्रोन (MD) बरामद हुआ।

यह ड्रग अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये की कीमत में बिकती है। ड्रग की इतनी बड़ी मात्रा से यह स्पष्ट होता है कि गिरोह बड़े पैमाने पर तस्करी कर रहा था।


जोधपुर में ड्रग बनाने के उपकरण भी मिले

कार से ड्रग बरामद होने के बाद एनसीबी ने जांच को आगे बढ़ाया और गिरोह से जुड़े अन्य ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान राजस्थान के जोधपुर में एक जगह से ड्रग बनाने के उपकरण बरामद किए गए। एनसीबी अधिकारियों के अनुसार, इन उपकरणों की मदद से लगभग 200 किलोग्राम तक मेफेड्रोन तैयार किया जा सकता था। इससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर ड्रग निर्माण और सप्लाई में शामिल था।


10 करोड़ की ड्रग्स, 25.6 लाख कैश और 500 किलोग्राम केमिकल बरामद

एनसीबी की कार्रवाई में अब तक जो माल बरामद हुआ है, उसकी जानकारी इस प्रकार है:

  • 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स

  • 25.6 लाख रुपये कैश

  • एक फॉर्च्यूनर वाहन

  • 500 किलोग्राम से अधिक केमिकल

बरामद किए गए केमिकल ड्रग बनाने में इस्तेमाल होने की आशंका है। जांच एजेंसियां इन केमिकल की सप्लाई चेन का पता लगाने में जुटी हैं।


4 आरोपी गिरफ्तार, जालोर के रहने वाले

इस मामले में ड्रग तस्करी गिरोह के सरगना सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी आरोपी राजस्थान के जालोर जिले के रहने वाले हैं। एनसीबी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह गिरोह किन-किन राज्यों में ड्रग सप्लाई करता था और नेटवर्क में अन्य कौन-कौन शामिल हैं।


NCB का दावा: नेटवर्क में और खुलासे संभव

एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय ड्रग नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। इसलिए एजेंसी ने पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार कार्रवाई तेज कर दी है। एनसीबी ने साफ कहा है कि इस मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और जांच पूरी होने तक कार्रवाई जारी रहेगी


निष्कर्ष

मैसूर में NCB की इस बड़ी कार्रवाई ने एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग सिंडिकेट को झकझोर दिया है। 10 करोड़ रुपये की ड्रग्स, 500 किलोग्राम केमिकल और मेफेड्रोन बनाने की लैब के खुलासे ने ड्रग तस्करी के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण सफलता दी है। जांच अभी जारी है और आगे और भी बड़े खुलासे की संभावना बनी हुई है।

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