इटावा: बहन के प्रेमी की हत्या, CRPF जवान ने साजिश रचकर ट्रैक पर फेंका शव

CRPF जवान ने साजिश रचकर ट्रैक पर फेंका शव

प्रतियोगी छात्र मनीष यादव की हत्या का पुलिस ने किया खुलासा
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में 25 वर्षीय प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र मनीष यादव की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने खुलासा किया कि मनीष की हत्या उसकी बहन के प्रेम प्रसंग को लेकर CRPF जवान भाई अभिषेक यादव ने अपनी साथियों के साथ मिलकर की थी। मनीष का शव डीएफसी रेलवे ट्रैक पर बोरे में फेंका गया था।


मनीष का लापता होना और शव की बरामदगी

मनीष यादव, थाना भरथना क्षेत्र के नगला बंधा गांव के निवासी थे। वह 18 फरवरी को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए घर से कोचिंग के लिए निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उसी शाम गुमशुदगी दर्ज कराई।

20 फरवरी को थाना इकदिल क्षेत्र के ग्राम चितभवन के पास डीएफसी रेलवे ट्रैक पर मनीष का शव बोरे में बंद मिला। पोस्टमार्टम के बाद सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के तीन डॉक्टरों के पैनल ने दोबारा पोस्टमार्टम और डिजिटल एक्स-रे कर शव की पहचान की पुष्टि की।


हत्या की वजह: प्रेम प्रसंग

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इटावा, बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि हत्या का कारण मनीष और अभिषेक यादव की बहन के बीच प्रेम संबंध था। युवती रामपुर में पुलिस प्रशिक्षण ले रही है, जबकि उसका भाई अभिषेक यादव CRPF में तैनात है। अभिषेक को 17 फरवरी को जालंधर कैंप से इटावा में पहुंचते ही यह बात पता चली और उसने गुस्से में मनीष को मौत के घाट उतारने की साजिश रची।

18 फरवरी को अभिषेक ने अपने साथियों विपिन यादव और दीपक के साथ मिलकर मनीष को लिफ्ट देने के बहाने कार में बैठाया। सुनसान जगह पर ले जाकर उसकी पिटाई की और गोली मार दी। फिर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को बोरे में बंद कर रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया।


पुलिस ने किया खुलासा और गिरफ्तारी

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना में इस्तेमाल कार की पहचान की। वाहन उपलब्ध कराने वाले आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दीपक ने हत्या में शामिल होने की बात स्वीकार की।

मुख्य आरोपी अभिषेक यादव और विपिन यादव की तलाश जारी है। पुलिस ने कहा कि मनीष की हत्या 18 फरवरी को ही कर दी गई थी, जबकि गुमशुदगी उसी शाम दर्ज हुई। पुलिस ने मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


समाज में चिंता का विषय

यह हत्या न केवल प्रेम प्रसंग के कारण हुई क्रूर घटना है, बल्कि यह समाज में सुरक्षा और नाबालिग तथा युवा संबंधों के प्रति संवेदनशीलता का मुद्दा भी बन गई है। ऐसे मामलों में परिवार और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों ही जांच का केंद्र बनते हैं।


निष्कर्ष

मनीष यादव की हत्या ने इटावा जिले में सनसनी फैला दी है। पुलिस की लगातार कार्रवाई और आरोपियों की गिरफ्तारी इस मामले में न्याय दिलाने की दिशा में अहम कदम हैं। मुख्य आरोपी अभिषेक और उसके साथी विपिन की गिरफ्तारी के बाद ही पूरा घटनाक्रम स्पष्ट हो सकेगा।

यह भी पढ़ें:  तेलंगाना में गांधी सरोवर परियोजना का विरोध: 450 परिवारों को बेदखली नोटिस, TDR बॉन्ड पर उठे सवाल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *