बरामदे में महिला ने चिल्लाकर किया सचेत, आपत्तिजनक हालत में भागे ग्राहक
फिरोजाबाद के लाइनपार इलाके में पुलिस ने एक सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। थाना लाइनपार पुलिस ने आजाद नगर क्षेत्र में एक मकान पर छापा मारा, जहां से दो महिलाएं और दो पुरुष रंगे हाथ पकड़े गए। पुलिस के अनुसार, यह रैकेट मुख्य रूप से एक महिला संचालिका के नेतृत्व में चल रहा था।
घटना के दौरान बरामदे में बैठी एक महिला ने शोर मचाते हुए कहा, “भागो, पुलिस आ गई,” जिससे कमरे के अंदर मौजूद दो पुरुष आपत्तिजनक हालत में भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें घेराबंदी कर पकड़ लिया।
पुलिस की कार्रवाई और छापेमारी
थानाध्यक्ष रमित कुमार आर्य को सूचना मिली थी कि आजाद नगर स्थित एक मकान में देह व्यापार का धंधा चल रहा है। मकान स्कूल के पास होने के कारण पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
पुलिस टीम ने मकान में एंट्री की और वहां मौजूद लोगों को हिरासत में लिया। महिला पुलिसकर्मियों ने कमरे से बाहर निकल रही दूसरी महिला को गिरफ्तार किया। छापेमारी के दौरान रैकेट संचालिका महिला को पकड़ा गया, जिसके पास से 4800 रुपये बरामद हुए।
ग्राहकों से वसूली जा रही थी मोटी रकम
पूछताछ में संचालिका ने बताया कि वह ग्राहकों से 300-300 रुपये वसूलती थी। पकड़ी गई दूसरी महिला ने अपनी मजबूरी का हवाला देते हुए यह स्वीकार किया कि वह इस अवैध काम में शामिल थी।
आरोपी और उनका विवरण
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मुख्य संचालिका महिला – मकान से देह व्यापार का संचालन कर रही थी।
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दूसरी महिला – थाना रसूलपुर की निवासी, जिसे यहां बुलाया गया था।
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दो पुरुष ग्राहक – मौके पर आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े गए।
पुलिस का बयान
सीओ सिटी फिरोजाबाद प्रवीण तिवारी ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम और बीएनएस की धारा 296 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में इस तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
पड़ोसियों और क्षेत्र में हड़कंप
छापेमारी के दौरान इलाके में हड़कंप मच गया। पड़ोसियों ने घटना के बाद पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। पुलिस ने आश्वासन दिया कि इस तरह की अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
निष्कर्ष
फिरोजाबाद में पकड़े गए सेक्स रैकेट ने इलाके में सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। पुलिस की समय पर कार्रवाई और तेजी से छापेमारी ने रैकेट संचालकों को दबोचने में मदद की। यह मामला यह दिखाता है कि अवैध गतिविधियों के खिलाफ पुलिस सतर्क है और ऐसे रैकेटों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।