आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सेक्टर में एक नया विवाद सामने आया है। अमेरिकी रक्षा विभाग के एक फैसले के बाद AI कंपनी Anthropic और OpenAI के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।
दरअसल, अमेरिकी रक्षा विभाग ने हाल ही में Anthropic को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सप्लाई चेन जोखिम बताया है। इसके बाद कंपनी के CEO Dario Amodei ने इस फैसले को चुनौती देने और कोर्ट जाने की बात कही है। वहीं OpenAI के CEO Sam Altman ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
Pentagon के फैसले से शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, United States Department of Defense (पेंटागन) ने 4 मार्च को Anthropic को एक आधिकारिक पत्र भेजा।
इस पत्र में कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सप्लाई चेन रिस्क बताया गया है। इसका मतलब यह है कि अमेरिकी सरकार से जुड़े कई डिफेंस कॉन्ट्रैक्टर्स और सरकारी एजेंसियां अब Anthropic की सेवाओं का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगी।
यह फैसला AI इंडस्ट्री में काफी चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि आमतौर पर इस तरह का टैग विदेशी कंपनियों को दिया जाता है।
Anthropic कोर्ट में देगी चुनौती
पेंटागन के इस कदम के बाद Anthropic के CEO Dario Amodei ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस फैसले को गलत और अनुचित मानती है।
कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह इस निर्णय को अमेरिकी अदालत में चुनौती देगी। Anthropic का कहना है कि उनके पास इस फैसले के खिलाफ कानूनी रास्ता अपनाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
Sam Altman का तीखा बयान
इस विवाद के बीच Sam Altman ने भी अपनी राय रखी है। उन्होंने Morgan Stanley Technology, Media & Telecom Conference के दौरान कहा कि किसी भी स्थिति में कोई निजी कंपनी सरकार से बड़ी नहीं हो सकती।
उनका यह बयान सीधे तौर पर Anthropic के फैसले पर प्रतिक्रिया माना जा रहा है। AI इंडस्ट्री के दो बड़े नेताओं के बीच यह बयानबाजी अब चर्चा का केंद्र बन गई है।
आम यूजर्स पर नहीं पड़ेगा असर
Anthropic ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया है कि इस विवाद का आम यूजर्स पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।
कंपनी ने कहा कि उसकी सेवाएं सामान्य ग्राहकों और व्यवसायों के लिए पहले की तरह जारी रहेंगी। यह फैसला मुख्य रूप से सरकारी कॉन्ट्रैक्ट्स और रक्षा क्षेत्र से जुड़े संगठनों पर लागू होगा।
पहले भी हो चुका है ऐसा मामला
AI और टेक सेक्टर में यह पहली बार नहीं है जब किसी कंपनी को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े जोखिम के रूप में चिह्नित किया गया हो। इससे पहले अमेरिका ने चीनी टेक कंपनी Huawei को भी इसी तरह सप्लाई चेन रिस्क बताया था।
हालांकि उस समय मामला विदेशी कंपनी से जुड़ा था। इस बार किसी अमेरिकी AI कंपनी के साथ ऐसा होना काफी असामान्य माना जा रहा है।
AI इंडस्ट्री में बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों का मानना है कि इस विवाद का असर आने वाले समय में AI इंडस्ट्री की नीतियों और सरकारी नियमों पर भी पड़ सकता है।
एक तरफ सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है, वहीं टेक कंपनियां अपने नवाचार और स्वतंत्रता को बनाए रखना चाहती हैं। ऐसे में यह मामला कोर्ट में जाने के बाद और बड़ा रूप ले सकता है।
फिलहाल पूरी टेक इंडस्ट्री की नजर इस बात पर टिकी है कि अदालत इस मामले में क्या फैसला देती है और इसका भविष्य में AI कंपनियों पर क्या असर पड़ता है।

