दिल्ली एयरपोर्ट पर ऐतिहासिक लम्हा, भारत माता के जयकारे गूंजे
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा के बाद देश वापसी पर दिल्ली में भव्य स्वागत किया गया। रविवार देर रात उनका विमान इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा, जहां उन्हें देखने के लिए भारी संख्या में लोग उमड़े।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, ISRO के वैज्ञानिक और छात्रों के समूह ने उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।
परिवार के साथ पहुंचे शुभांशु
शुभांशु के साथ उनकी पत्नी कामना शुक्ला और बेटा भी थे। जैसे ही वे टर्मिनल से बाहर आए, मौजूद लोगों ने गर्मजोशी से तालियों के साथ उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट के बाहर लोग तिरंगा लेकर खड़े थे, जिससे माहौल पूरी तरह देशभक्ति में रंगा नजर आया।
प्रधानमंत्री से होगी मुलाकात, अंतरिक्ष दिवस कार्यक्रम में लेंगे भाग
सूत्रों के अनुसार, शुभांशु आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा, 22-23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर दिल्ली में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में वे भाग लेंगे।
मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह का बयान
केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा:
“गौरव का क्षण है कि भारत के अंतरिक्ष मिशन ‘गगनयान’ के लिए चयनित अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला आज सुबह दिल्ली पहुंचे। इस आगमन ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक नया मील का पत्थर जोड़ा है।”
Axiom-4 मिशन: 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए
शुभांशु शुक्ला ने हाल ही में Axiom-4 मिशन के तहत 18 दिन अंतरिक्ष में बिताए। वे 25 जून 2025 को अमेरिका के केप कैनावरल से SpaceX के ड्रैगन कैप्सूल के जरिए अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए थे। अगले दिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर पहुंचकर मिशन की शुरुआत की।
इस मिशन में उनके साथ अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री पेगी व्हिटसन, पोलैंड के स्लावोस उज्नांस्की-विस्निव्स्की और हंगरी के टिबोर कापु भी शामिल थे।
अंतरिक्ष में किए 60+ प्रयोग और 20 जागरूकता सत्र
मिशन के दौरान शुभांशु ने 60 से अधिक वैज्ञानिक प्रयोग और 20 से ज्यादा अवेयरनेस सेशन किए। उन्होंने विशेष रूप से भारत की आवश्यकताओं के अनुरूप 7 प्रमुख प्रयोगों पर काम किया।
भारत के लिए महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोग
शुभांशु द्वारा किए गए मुख्य प्रयोगों में शामिल थे:
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हरे चने और मेथी के बीजों का अंतरिक्ष में अंकुरण
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अंतरिक्ष में मानव शरीर पर प्रभाव का अध्ययन
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मांसपेशियों की कमजोरी से जुड़ी रिसर्च
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ब्रेन-कंप्यूटर इंटरफेस पर काम
इन प्रयोगों से भारत को भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों में एग्रीकल्चर, हेल्थकेयर, और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए आयाम मिलेंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा बने शुभांशु
शुभांशु शुक्ला की यह अंतरिक्ष यात्रा न केवल भारत के लिए गौरव की बात है, बल्कि उन्होंने देश के युवाओं में अंतरिक्ष विज्ञान और तकनीकी अनुसंधान के प्रति नई प्रेरणा जगाई है।

