शेयर बाजार में आज गिरावट के माहौल के बीच Axis Bank के शेयरों में जबरदस्त दबाव देखने को मिला। ताजा तिमाही नतीजों के बाद निवेशकों ने इस बैंकिंग स्टॉक से दूरी बनाई, जिससे शेयर 7% तक गिर गया।
कमजोर तिमाही नतीजों का असर
Axis Bank ने हाल ही में अपनी तिमाही वित्तीय रिपोर्ट जारी की, जिसमें नेट प्रॉफिट अनुमान से करीब 10% कम रहा। इसके अलावा, बैंक की लोन लागत और स्लिपेज में भी बढ़ोतरी देखी गई, जिससे बाजार की धारणा नकारात्मक हो गई।
ब्रोकरेज हाउस ने घटाए शेयर टारगेट
IIFL की रिपोर्ट
- EPS अनुमान में 4-8% की कटौती की गई।
- शेयर का टारगेट ₹1,370 से घटाकर ₹1,280 किया गया।
- NPA पहचान सख्त होने से कुल स्लिपेज 2.1% से बढ़कर 3.2% हो गया।
- लोन की लागत 1.5% तक पहुंच गई।
दौलत कैपिटल की सलाह
ब्रोकरेज हाउस ने कहा कि कम NIM और उच्च ऋण लागत का असर पड़ रहा है, जिसे वित्त वर्ष 2027 में संतुलित किया जा सकता है। इसका टारगेट घटाकर ₹1,250 कर दिया गया है और ‘होल्ड’ रेटिंग दी गई है।
नुवामा का विश्लेषण
नुवामा ने Axis Bank का लक्ष्य ₹1,400 से घटाकर ₹1,180 कर दिया है। उनका मानना है कि यह स्टॉक अपने समकक्ष बैंकों की तुलना में ब्याज दरों में कटौती को लेकर अधिक संवेदनशील है।
GDR में गिरावट ने भी डाला असर
Axis Bank के ग्लोबल डिपॉजिटरी रिसीट्स (GDR) में आई तेज गिरावट का असर घरेलू शेयर पर भी पड़ा है। विदेशी निवेशकों के भरोसे में कमी आई है, जिससे प्राइस पर दबाव बना है।
शेयर का हाल
- शुक्रवार को Axis Bank का शेयर ₹1,113.50 पर बंद हुआ, जो लगभग 4% की गिरावट है।
- पिछले एक महीने में यह स्टॉक करीब 9% गिरा है।
- पिछले एक साल में इसमें 14% से ज्यादा गिरावट देखी गई है।
- हालांकि, तीन साल में इसने अब भी 66% का रिटर्न दिया है।
निवेशकों के लिए क्या है रणनीति?
बाजार विशेषज्ञों की राय में फिलहाल इस स्टॉक में नई खरीद से बचना बेहतर रहेगा, जब तक कंपनी की फंडामेंटल स्थिति बेहतर न हो। ‘होल्ड’ या ‘वेट एंड वॉच’ अप्रोच को प्राथमिकता दी जा रही है।