Instagram पर कुछ दिनों से एक नाम तेज़ी से वायरल हो रहा था – Babydoll Archi। खूबसूरत तस्वीरें, ग्लैमर से भरपूर reels और एक परफेक्ट लाइफस्टाइल ने लाखों लोगों को इस अकाउंट का फैन बना दिया था। लेकिन अब इस चर्चित प्रोफाइल के पीछे की चौंकाने वाली सच्चाई सामने आ गई है — ये एक असली इंसान नहीं बल्कि AI (Artificial Intelligence) से बना हुआ Deepfake Persona था।
कौन थी Babydoll Archi?
Babydoll Archi नाम की इस इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर एक बेहद आकर्षक महिला दिखाई देती थी जो मॉडलिंग, लाइफस्टाइल और ग्लैम फोटोशूट्स से जुड़ी कंटेंट शेयर करती थी। प्रोफाइल पर लाखों फॉलोअर्स थे और कई ब्रांड्स भी इससे जुड़ने लगे थे। लेकिन जल्द ही कुछ यूज़र्स को शक हुआ कि इस प्रोफाइल में कुछ “असली” नहीं लग रहा।
AI से बना Deepfake अकाउंट
जांच के बाद यह साफ हुआ कि Babydoll Archi असल में एक AI-Generated Persona थी। उसकी तस्वीरें, फेस मूवमेंट, और स्टोरीज – सब कुछ किसी रियल लड़की की तस्वीर का इस्तेमाल कर Deepfake तकनीक से तैयार किया गया था। प्रोफाइल के पीछे एक कंटेंट क्रिएटर निकला, जिसने माना कि उसने यह अकाउंट वायरल फेम और पब्लिसिटी के लिए बनाया था।
असली लड़की की तस्वीर का गलत इस्तेमाल
इस केस में सबसे बड़ा खुलासा यह था कि Babydoll Archi की “शक्ल” एक असली महिला की तस्वीर पर आधारित थी, जिसे बिना इजाज़त इस्तेमाल किया गया था। असली महिला ने साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत ऐक्शन लिया और अकाउंट शट डाउन कर दिया गया।
क्यों है ये मामला इतना बड़ा?
भारत में यह पहला हाई-प्रोफाइल केस है जहां एक पूरी AI Influencer को लेकर लीगल एक्शन लिया गया है।
इस केस ने AI, Privacy और Online Ethics को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर अब बहस छिड़ गई है कि क्या हमें AI-generated चेहरों और कंटेंट को पहचानने के लिए नए टूल्स की ज़रूरत है?
सोशल मीडिया पर रिएक्शन
इस खबर के सामने आते ही Twitter (अब X), Instagram और Reddit पर #BabydollArchi और #AIDeepfake ट्रेंड करने लगे। कुछ लोग जहां इस क्रिएटिव प्रयोग की तारीफ कर रहे थे, वहीं ज्यादातर यूज़र्स इसे भ्रामक और खतरनाक ट्रेंड बता रहे हैं।
“अब हम किसी भी सोशल मीडिया प्रोफाइल को आंख बंद करके फॉलो नहीं कर सकते। ये तो डिजिटल धोखा निकला!” – एक इंस्टा यूज़र की प्रतिक्रिया
क्या है कानून की स्थिति?
भारत में अभी भी Deepfake और AI-generated कंटेंट के लिए स्पष्ट कानून नहीं हैं। हालांकि, IT Act और Copyright Act के तहत फोटो चुराने और पहचान को गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर सज़ा का प्रावधान है। इस केस के बाद यह चर्चा फिर से तेज़ हो गई है कि भारत को AI Regulation Framework की जरूरत है।
अंतिम विचार
Babydoll Archi का बंद होना सिर्फ एक अकाउंट की क्लोजिंग नहीं है — यह एक संकेत है कि आने वाले समय में AI और सोशल मीडिया के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है। हमें न सिर्फ टेक्नोलॉजी के प्रति सजग रहना होगा, बल्कि यह भी समझना होगा कि डिजिटल दुनिया में हर “चीज़” असली नहीं होती।
यह भी पढ़ें: लखनऊ में महिला के नहाते समय वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल