नई दिल्ली: दिल्ली के गांधी विहार इलाके में हुई UPSC छात्र रामकेश मीणा की हत्या का राज आखिरकार खुल गया है। इस सनसनीखेज केस में पुलिस ने बताया कि मीणा की हत्या उसकी लिव-इन पार्टनर अमृता चौहान (21) ने अपने दो साथियों सुमित कश्यप (27) और संदीप कुमार (29) के साथ मिलकर की थी।
हत्या के बाद शव को जलाने के लिए तीनों ने तेल, घी और शराब का इस्तेमाल किया ताकि यह गैस सिलेंडर फटने से हुआ हादसा लगे।
तेल, घी और शराब से रची ‘एक्सीडेंट’ की कहानी
जांच में सामने आया कि अमृता ने हत्या को छिपाने के लिए अपने फॉरेंसिक साइंस के ज्ञान का इस्तेमाल किया। उसने शव पर तेल, घी और शराब डाली और कमरे में गैस सिलेंडर का नॉब खोलकर आग लगा दी, जिससे पुलिस को यह एक दुर्घटना लगे।
पुलिस के मुताबिक, सुमित जो कि LPG डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम करता था, उसे पता था कि गैस सिलेंडर को फटने में कितना वक्त लगता है। उसने सिलेंडर को मृतक के सिर के पास रखकर आग लगाई ताकि हादसे की तरह दिखे।
फॉरेंसिक जांच से खुला मामला
6 अक्टूबर को गांधी विहार की एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर आग लगने की सूचना मिली थी। आग बुझाने के बाद पुलिस को कमरे में जली हुई लाश मिली।
पहले यह मामला एक्सीडेंटल फायर समझा गया, लेकिन फॉरेंसिक टीम को मौके पर कई संदिग्ध सबूत मिले।
-
आग लगने का पैटर्न सामान्य नहीं था।
-
शरीर पर जलने से पहले गला घोंटने के निशान मिले।
-
कमरे से कोई एसिड या ज्वलनशील पदार्थ की बोतल नहीं मिली, बल्कि गंध तेल और शराब जैसी थी।
इन तथ्यों ने पुलिस को शक में डाल दिया, जिसके बाद केस का रुख हत्या की ओर मुड़ गया।
CCTV और मोबाइल डेटा से खुला सच
पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की जांच की तो सच्चाई सामने आई।
5 अक्टूबर की रात दो नकाबपोश पुरुषों को बिल्डिंग में घुसते देखा गया। थोड़ी देर बाद अमृता और एक अन्य व्यक्ति भी अंदर गए। कुछ ही मिनटों बाद वहां से धुआं उठता दिखा।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) से भी यह साबित हुआ कि अमृता का मोबाइल फोन क्राइम सीन के पास था।
हत्या की वजह: अश्लील वीडियो और हार्ड डिस्क
पुलिस पूछताछ में अमृता ने खुलासा किया कि मीणा ने उसके निजी पलों के वीडियो रिकॉर्ड किए थे और उन्हें एक हार्ड डिस्क में सेव कर लिया था।
जब अमृता ने उन्हें डिलीट करने को कहा, तो मीणा ने इंकार कर दिया।
इसके बाद अमृता ने अपने एक्स-बॉयफ्रेंड सुमित से संपर्क किया, जिसने बदला लेने में मदद करने का वादा किया।
तीनों ने मिलकर योजना बनाई कि मीणा को मारकर शव को इस तरह जलाया जाए कि मामला दुर्घटना जैसा लगे।
वारदात की पूरी कहानी
पुलिस के अनुसार, 5 और 6 अक्टूबर की दरमियानी रात को तीनों आरोपी मीणा के फ्लैट पर पहुंचे।
-
सुमित और संदीप ने मिलकर मीणा का गला घोंट दिया।
-
अमृता ने शव पर तेल, घी और शराब डालकर जलाने में मदद की।
-
सुमित ने किचन से गैस सिलेंडर निकालकर रेगुलेटर खोला और विस्फोट का माहौल तैयार किया।
-
इसके बाद अमृता ने दरवाजे की जाली हटाकर अंदर से लॉक किया, ताकि लगे कि कमरा अंदर से बंद था।
तीनों आरोपी मृतक का हार्ड डिस्क, लैपटॉप और कुछ निजी सामान लेकर फरार हो गए।
गिरफ्तारियां और सबूत बरामद
18 अक्टूबर को पुलिस ने अमृता चौहान को मुरादाबाद से गिरफ्तार किया।
पूछताछ में उसने अपराध की बात स्वीकार कर ली और अपने दोनों साथियों के नाम बताए।
-
21 अक्टूबर: पुलिस ने सुमित कश्यप को मुरादाबाद से पकड़ा और उसका मोबाइल फोन बरामद किया।
-
23 अक्टूबर: संदीप कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हार्ड डिस्क, ट्रॉली बैग और कपड़े भी जब्त किए हैं।
अब होगी सख्त कार्रवाई
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस हत्या की साजिश सोची-समझी और योजनाबद्ध थी।
तीनों आरोपियों पर हत्या (IPC 302), सबूत मिटाने (IPC 201) और साजिश रचने (IPC 120B) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
फिलहाल सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं और पुलिस आगे की जांच में जुटी है।
यह भी पढ़ें: Delhi Acid Attack Case: छात्रा ने खुद ही अपने ऊपर डाला टॉयलेट क्लीनर, CCTV फुटेज से हुआ बड़ा खुलासा
निष्कर्ष: विज्ञान का गलत इस्तेमाल बना अपराध का हथियार
यह मामला दिखाता है कि अपराध को छिपाने के लिए तकनीक और वैज्ञानिक ज्ञान का दुरुपयोग कैसे किया जा सकता है।
दिल्ली पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना में किसी और की भूमिका थी।
तीनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं, और मामले की आगे की सुनवाई जारी है।
One thought on “Delhi Gandhi Vihar Murder Case: तेल-घी-शराब से जलाई लाश, अमृता की गैस सिलेंडर वाली साजिश में शामिल थे सुमित और संदीप”