चंडीगढ़। हरियाणा के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार की खुदकुशी के मामले ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को हिला दिया है। पूरन कुमार ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने घर में खुद को गोली मार ली थी। मरने से पहले उन्होंने 9 पन्नों का सुसाइड नोट और एक वसीयत छोड़ी थी, जिसमें अपनी संपूर्ण संपत्ति अपनी IAS पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दी थी।
उनके सुसाइड नोट के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर सहित 12 वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले ने हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक सेवा में सनसनी फैला दी है।
🔹 सुसाइड से पहले लिखा 9 पन्नों का नोट और वसीयत
जानकारी के अनुसार, आईपीएस पूरन कुमार ने खुदकुशी से एक दिन पहले यानी 6 अक्टूबर को अपनी वसीयत तैयार की थी। उन्होंने उसी दिन एक 9 पन्नों का सुसाइड नोट भी लिखा था, जिसे उन्होंने विदेश दौरे पर गई अपनी पत्नी आईएएस अमनीत पी. कुमार को मोबाइल पर भेजा था।
नोट मिलने के बाद पत्नी अमनीत ने जापान से करीब 15 बार कॉल किया, लेकिन पूरन कुमार ने कोई कॉल रिसीव नहीं किया। अगले दिन उनकी मौत की खबर ने सभी को झकझोर दिया।
🔹 पत्नी को सौंप दी पूरी संपत्ति
वसीयत के अनुसार, पूरन कुमार ने अपनी चल-अचल सभी संपत्तियां पत्नी अमनीत पी. कुमार के नाम कर दी थीं। उन्होंने लिखा — “मेरी मृत्यु के बाद मेरी सारी संपत्ति मेरी पत्नी अमनीत पी. कुमार की होगी।”
उनकी संपत्तियों में शामिल हैं:
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एचडीएफसी बैंक का सेविंग अकाउंट और उससे जुड़ा डीमैट अकाउंट (शेयर निवेश)
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मोहाली में प्लॉट
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यूनिवर्सल बिजनेस पार्क, गुरुग्राम में ऑफिस स्पेस
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चंडीगढ़ सेक्टर-11A स्थित मकान में 25% हिस्सेदारी
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि इन सभी संपत्तियों का विवरण पहले से ही उनके वार्षिक संपत्ति घोषणा पत्र में दर्ज है।

🔹 जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के गंभीर आरोप
पूरन कुमार ने अपने सुसाइड नोट में 13 अधिकारियों के नाम लिखे हैं, जिनमें हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर, रोहतक SSP और कई वरिष्ठ IAS और IPS अधिकारी शामिल हैं। उन्होंने इन पर जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और करियर में रुकावट डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
नोट में उन्होंने लिखा कि उन्हें लगातार अपमानित किया गया, पदोन्नति और वेतन लाभों से वंचित रखा गया, और झूठे मामलों में फंसाने की साजिश रची गई थी।
🔹 DGP और 12 अधिकारियों पर FIR दर्ज
आईएएस पत्नी अमनीत पी. कुमार की शिकायत के आधार पर चंडीगढ़ पुलिस ने सेक्टर-11 थाने में एफआईआर दर्ज की है। इसमें हरियाणा DGP शत्रुजीत कपूर सहित 12 अधिकारियों के नाम शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरन कुमार का सुसाइड नोट मुख्य साक्ष्य के रूप में लिया गया है, और इसी के आधार पर मामले की विधिक जांच शुरू की गई है।
🔹 हरियाणा सरकार ने शुरू की जांच
इस मामले के सामने आने के बाद हरियाणा प्रशासनिक सेवा और पुलिस विभाग दोनों में हड़कंप मच गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मृतक अधिकारी के परिवार से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने इस केस की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। साथ ही, संबंधित विभागों से अधिकारियों की भूमिका पर रिपोर्ट मांगी गई है।
🔹 2001 बैच के अधिकारी थे पूरन कुमार
आईपीएस वाई पूरन कुमार 2001 बैच के हरियाणा कैडर के अधिकारी थे। उन्होंने अपने करियर में कई अहम पदों पर कार्य किया था। वे अपनी ईमानदारी और सख्त प्रशासनिक छवि के लिए जाने जाते थे।
उनकी अचानक हुई मौत ने न केवल हरियाणा पुलिस को बल्कि पूरे ब्यूरोक्रेटिक सिस्टम को झकझोर दिया है।
🔹 निष्कर्ष
आईपीएस वाई पूरन कुमार की खुदकुशी सिर्फ एक व्यक्तिगत त्रासदी नहीं, बल्कि प्रशासनिक तंत्र में व्याप्त अंदरूनी दबाव और भेदभाव का संकेत भी है।
उनकी वसीयत और सुसाइड नोट से कई सवाल उठ रहे हैं — क्या सच में एक वरिष्ठ अधिकारी को सिस्टम ने तोड़ दिया? या इसके पीछे कोई और साजिश है?
जांच के बाद ही सच सामने आएगा, लेकिन इतना तय है कि यह मामला हरियाणा पुलिस और प्रशासनिक तंत्र के लिए एक बड़ी परीक्षा बन गया है।
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