मध्य प्रदेश की दो महिला पुलिस अफसर बनीं इंटरनेट सनसनी
मध्य प्रदेश पुलिस की दो महिला अधिकारी इन दिनों सोशल मीडिया और न्यूज़ चैनलों की सुर्खियों में हैं — CSP पूजा पांडेय (सिवनी) और CSP हिना खान (ग्वालियर)। दिलचस्प बात यह है कि दोनों चर्चा में बिलकुल विपरीत कारणों से हैं।
एक ओर पूजा पांडेय पर हवाला के तीन करोड़ रुपये लूटने का आरोप है, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है। वहीं दूसरी ओर, हिना खान ने सामाजिक तनाव और आंदोलन की स्थिति को शांत कराकर जनता की वाहवाही बटोरी है।
सिवनी की CSP पूजा पांडेय: हवाला कांड में फंसी अफसर, पहुंचीं जेल
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पदस्थ CSP पूजा पांडेय गंभीर आरोपों में घिर गई हैं। उन पर हवाला कारोबारियों के करीब ₹2.96 करोड़ रुपये लूटने का मामला दर्ज किया गया है।
यह घटना 8-9 अक्टूबर की रात की बताई जा रही है, जब सिलादेही के जंगल में चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को हवाला की बड़ी रकम मिली थी। बताया जा रहा है कि यह रकम कटनी से जालना जा रही थी।
आरोप है कि पूजा पांडेय ने अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर नकदी जब्त करने की बजाय उसे हड़प लिया। उन्होंने घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी, बल्कि ड्राइवर से मारपीट और धमकी भी दी गई।
DGP ने लिया सख्त एक्शन, 11 पुलिसकर्मी भी गिरफ्त में
मामले का खुलासा होने के बाद DGP कैलाश मकवाना ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूजा पांडेय को सस्पेंड कर दिया।
उनके साथ टीआई अर्पित भैरम और अन्य 10 पुलिसकर्मियों पर भी डकैती और अपहरण की गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया।
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
इस घटना ने न केवल सिवनी पुलिस बल्कि पूरे पुलिस विभाग की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस बात से नाराज हैं कि कानून की रखवाली करने वाले ही अपराध में शामिल पाए गए।
ग्वालियर की CSP हिना खान: सूझबूझ से टाला बड़ा जातीय विवाद
जहां एक ओर पूजा पांडेय का नाम विवादों में है, वहीं दूसरी ओर ग्वालियर की CSP हिना खान अपनी बुद्धिमत्ता और संयम के कारण तारीफें बटोर रही हैं।
ग्वालियर में दलित बनाम सवर्ण आंदोलन को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया था। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एडवोकेट अनिल मिश्रा ने डॉ. भीमराव आंबेडकर पर एक विवादित टिप्पणी कर दी।
इस बयान के बाद दलित संगठनों ने 15 अक्टूबर को बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी। पुलिस प्रशासन को आशंका थी कि यह विरोध प्रदर्शन जातीय हिंसा में बदल सकता है।
‘जय श्री राम’ बोलकर CSP हिना खान ने जीता लोगों का दिल
तनाव के माहौल में अनिल मिश्रा ने अपने घर के बाहर रामायण पाठ आयोजित करने की घोषणा की। सुरक्षा कारणों से पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी।
इसके बाद मिश्रा ने आरोप लगाया कि CSP हिना खान “सनातन विरोधी” हैं।
लेकिन हिना खान ने स्थिति संभालने में जबरदस्त सूझबूझ दिखाई। उन्होंने मौके पर ही ‘जय जय श्री राम’ का उद्घोष करते हुए कहा कि वह किसी धर्म या समुदाय की विरोधी नहीं हैं।
उनका यह बयान और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। लोग उनकी शांति बनाए रखने की कोशिश और धार्मिक समरसता के संदेश की सराहना कर रहे हैं।
प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा, शहर में शांति कायम
ग्वालियर प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 4000 पुलिसकर्मी तैनात किए।
15 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन पर रोक लगा दी गई है।
हिना खान की पहल से शहर में शांति बनी रही और संभावित हिंसा टल गई।
दो विपरीत उदाहरण, एक ही पुलिस विभाग
एक तरफ जहां CSP पूजा पांडेय का लालच और अनैतिक आचरण पूरे पुलिस विभाग के लिए शर्मिंदगी का कारण बना, वहीं CSP हिना खान का साहस और संतुलन पुलिस सेवा की सच्ची मिसाल पेश करता है।
दोनों अफसरों के ये मामले दिखाते हैं कि एक गलत कदम या एक सही निर्णय, दोनों ही करियर और प्रतिष्ठा को तय कर सकते हैं।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश की दोनों महिला अधिकारियों के ये विपरीत उदाहरण इस बात को रेखांकित करते हैं कि ईमानदारी और विवेक ही वर्दी की असली पहचान है।
जहां पूजा पांडेय अब जेल में हैं, वहीं हिना खान लोगों के दिलों में अपनी संवेदनशीलता और समझदारी के लिए जगह बना चुकी हैं।
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