मुंबई की रफ्तार थमी, सड़कों पर पानी का सैलाब
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई एक बार फिर भारी बारिश से जूझ रही है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार रोक दी है। जगह-जगह पानी भरने से गाड़ियां फंस गई हैं और लोग घंटों तक जाम में फंसे रहने को मजबूर हैं। अंधेरी सबवे सहित कई अंडरपास और सड़कें बंद करनी पड़ीं।
स्कूल-कॉलेजों में अवकाश घोषित
बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने सोमवार को दूसरी पाली के सभी स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए थे। इसके बाद मंगलवार को भी भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए पूरे दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया। मौसम विभाग ने 17 से 21 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही समुद्र में ऊँची लहरों और 45–55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया गया है।
24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश
18 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 19 अगस्त सुबह 5:30 बजे तक मुंबई में अलग-अलग इलाकों में हुई बारिश का आंकड़ा इस प्रकार है –
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विक्रोली – 194.5 मिमी
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सांताक्रूज़ – 185.0 मिमी
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जुहू – 173.5 मिमी
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बाइकुला – 167.0 मिमी
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बांद्रा – 157.0 मिमी
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कोलाबा – 79.8 मिमी
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महालक्ष्मी – 71.9 मिमी
इन आंकड़ों से साफ है कि मुंबई में बीते 24 घंटे में बारिश का स्तर बेहद ऊँचा रहा, जिसके कारण जलभराव की स्थिति और बिगड़ गई।
अस्पताल और आम लोगों को दिक्कतें
बारिश के कारण न केवल यातायात प्रभावित हुआ बल्कि अस्पतालों तक मरीजों को पहुंचाना भी चुनौती बन गया। चेंबूर स्थित बीएमसी के माँ जनरल अस्पताल में जलभराव की वजह से कई मरीजों को परिजन पीठ पर उठाकर अंदर ले जाते दिखे।
हवाई और रेल सेवाएं भी प्रभावित
मुंबई एयरपोर्ट पर खराब मौसम के कारण कई उड़ानें देरी से रवाना हुईं। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों को पहले से निकलने और वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उड़ानों की स्थिति जांचने की सलाह दी है।
रेल सेवाओं पर भी बारिश का असर पड़ा। उपनगरीय ट्रेनों में देरी से यात्रियों को खासी परेशानी हुई।
ठाणे और पालघर में रेड अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने ठाणे और पालघर जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। ठाणे जिले के कल्याण में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन से चार घर क्षतिग्रस्त हुए, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। प्रशासन ने मंगलवार को यहां भी सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने के निर्देश दिए।
नांदेड़ में बाढ़ जैसी स्थिति
महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में भारी बारिश और बाढ़ के हालात बने हुए हैं। करीब 200 लोग पानी में फंस गए, जिन्हें निकालने के लिए सेना की मदद ली गई। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।
हर साल दोहराई जाने वाली परेशानी
मुंबई में हर साल मानसून के दौरान जलभराव और जाम की समस्या सामने आती है। शहर की चमक-धमक पानी में डूब जाती है और लाखों लोगों की दिनचर्या ठप हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत नहीं किया जाता, तब तक मुंबई हर साल बारिश के मौसम में ऐसी ही मुश्किलों का सामना करती रहेगी।
निष्कर्ष
मुंबई की बारिश ने एक बार फिर शहर की रफ्तार रोक दी है। स्कूल-कॉलेज बंद हैं, ट्रेनों और उड़ानों पर असर पड़ा है और आम लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बिना जरूरत बाहर न निकलने की अपील की है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं।
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