अमरोहा के रजबपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-9 पर एक भीषण सड़क हादसे में प्राइवेट यूनिवर्सिटी के चार MBBS छात्रों की मौत हो गई। देर रात उनकी स्विफ्ट डिज़ायर कार सर्विस लेन में खड़े एक डीसीएम से टकरा गई। टक्कर इतनी भयावह थी कि चारों छात्रों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने भारी मशक्कत के बाद शवों को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। सभी छात्र 2020 बैच के थे और इंटर्नशिप कर रहे थे।
कैसे हुआ हादसा?
दुर्घटना रात करीब 10 बजे हुई। हाईवे के सर्विस लेन पर एक डीसीएम बिना रिफ्लेक्टर और चेतावनी संकेतों के खड़ा था। उसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही स्विफ्ट डिज़ायर कार सीधे जाकर उससे भिड़ गई।
टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के मकानों में रहने वाले लोग तुरंत बाहर निकल आए। जब लोग मौके पर पहुंचे, तो सामने कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचका हुआ था। चारों युवक सीटों में फंसे हुए थे और कोई भी जीवन के संकेत नहीं दे रहा था। दृश्य बेहद दर्दनाक था।
राहगीरों ने दी सूचना, पुलिस ने निकाले शव
राहगीरों ने तुरंत पुलिस को फोन किया। रजबपुर थाना पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार के दरवाजे काटकर युवकों को बाहर निकाला। उन्हें अस्पताल भेजा गया, लेकिन डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने डीसीएम चालक की तलाश शुरू कर दी है और वाहन की स्थिति की कानूनी जांच कर रही है।
चारों छात्र थे MBBS इंटर्न—पहचान हुई तो मचा हाहाकार
मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई—
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आयुष शर्मा (दिल्ली)
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सप्तऋषि दास (त्रिपुरा)
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अरनब चक्रवर्ती (त्रिपुरा)
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श्रेयस पंचोली (गुजरात)
चारों एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी के 2020 बैच के छात्र थे और इंटर्नशिप के दौरान अलग-अलग अस्पतालों में सेवाएँ दे रहे थे।
घटना की खबर मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति राजीव त्यागी अस्पताल पहुंचे। कैंपस और हॉस्टल में मातम पसरा हुआ है।
यूनिवर्सिटी में पसरा सन्नाटा
अगली सुबह यूनिवर्सिटी और हॉस्टल में अजीब सा सन्नाटा छाया रहा।
छात्रों के कमरे बंद थे—
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किसी की मेज पर किताबें खुली थीं
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किसी का स्टेथोस्कोप वहीं रखा हुआ था
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किसी का बैग आधा खुला पड़ा था
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किसी का पसंदीदा कॉफी मग भी वैसा ही रखा था
दोस्तों को अब तक विश्वास नहीं हो रहा कि उनके साथी अब कभी कॉलेज लौटकर नहीं आएंगे।
पुलिस जांच जारी
डीएसपी अभिषेक यादव ने बताया कि डीसीएम सर्विस लेन में खड़ी थी, लेकिन उस पर उचित सुरक्षा संकेत नहीं लगाए गए थे।
फील्ड यूनिट स्थल जांच कर रही है और डीसीएम चालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल
जब चारों परिवारों को सूचना मिली, घरों में कोहराम मच गया।
किसी मां को अपने डॉक्टर बेटे का सफेद कोट याद आया, किसी पिता को आखिरी बातचीत, और किसी बहन को भाई की हंसी।
चारों ही परिवारों के सपने एक झटके में टूट गए।
इंटर्नशिप खत्म होने के बाद कुछ ही महीनों में वे डॉक्टर बनकर अपने परिवारों का सहारा बनने वाले थे।
निष्कर्ष
NH-9 पर खड़ा डीसीएम चार जिंदगियों को निगल गया।
यह हादसा सड़क सुरक्षा और वाहनों को सड़क किनारे खड़ा करने के नियमों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
अगर उचित संकेत लगाए गए होते, तो शायद चार उज्ज्वल भविष्य बचाए जा सकते थे।
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