बक्सर के डॉन चंदन मिश्रा की हत्या, अस्पताल बना गैंगवार का मैदान
पटना के पारस अस्पताल में दिनदहाड़े हुई गोलीबारी में बिहार के बक्सर जिले के कुख्यात डॉन चंदन मिश्रा की हत्या ने पूरे राज्य को हिला दिया है। यह कोई सामान्य सुपारी किलिंग नहीं थी, बल्कि एक दोस्ती से शुरू हुई दुश्मनी का खूनी अंजाम था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड की साजिश जेल में रची गई थी, जिसमें चंदन का कभी का साथी शेरू सिंह और पटना का गैंगस्टर तौसीफ बादशाह शामिल हैं।
कैसे हुई वारदात: अस्पताल में घुसे 6 शूटर, 36 सेकंड में अंजाम
घटना 17 जुलाई की सुबह करीब 7:15 बजे की है। CCTV फुटेज में दिखा कि छह युवक पारस अस्पताल के OPD गेट से दाखिल होते हैं। इनमें से पांच सीधे दूसरी मंजिल पर रूम नंबर 209 की ओर बढ़ते हैं, जहां चंदन मिश्रा भर्ती था। रूम का लॉक खराब था, जिससे शूटरों को अंदर घुसने में आसानी हुई।
तौसीफ बादशाह सबसे पहले कमरे में घुसा और करीब 36 सेकंड तक अंदर रहा। उसके बाद आराम से बाहर निकलता है। पुलिस का मानना है कि गोली चलाने वाला वही था। शूटरों ने अस्पताल के बाहर सड़क पर हथियार लहराकर जश्न भी मनाया।
चंदन और शेरू: दोस्ती से गैंग बनने तक
चंदन मिश्रा का आपराधिक सफर नाबालिग अवस्था में एक हत्या से शुरू हुआ था। वह रिमांड होम में तीन साल रहने के बाद बाहर आया, जहां उसकी मुलाकात शेरू सिंह से हुई। दोनों ने मिलकर एक सुपारी गैंग बनाया जो सिर में गोली मारने की क्रूर स्टाइल के लिए कुख्यात हो गया।
साल 2011 में दोनों ने मिलकर 8 हत्याएं की थीं, जिसमें व्यापारी राजेंद्र केसरी हत्याकांड भी शामिल था। गिरफ्तारी के बाद केसरी केस में चंदन को उम्रकैद और शेरू को फांसी हुई, जिसे बाद में हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया।
क्यों टूटी दोस्ती? जेल में पनपी दुश्मनी
जेल में दोनों के रिश्तों में पैसा, जलन और शक की वजह से दरार आई। चंदन को जेल में रील बनाने की छूट मिली हुई थी, जबकि शेरू को नहीं। शेरू को लगा कि चंदन जेल प्रशासन से मिला हुआ है और पुलिस को मुखबिरी कर रहा है।
इसके अलावा शेरू को चंदन की उसके परिवार की लड़की से नजदीकी पर भी आपत्ति थी। इन सब बातों ने मिलकर एक खूनी दुश्मनी का रूप ले लिया।
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प्लानिंग: शेरू ने दी सुपारी, तौसीफ बना मास्टरमाइंड
जैसे ही चंदन को 3 जुलाई को पेरोल मिला और वह इलाज के लिए पारस अस्पताल में भर्ती हुआ, शेरू ने उसका खात्मा तय कर लिया। उसने अपने साथी सोनू शूटर के जरिए तौसीफ बादशाह से संपर्क किया, जो खुद को सोशल मीडिया पर ‘रॉबिनहुड’ बताता है।
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल का पूरा नक्शा तौसीफ को पहले से पता था। शक है कि उसी ने रूम नंबर 209 का लॉक खराब करवाया था ताकि शूटर बिना अड़चन अंदर घुस सकें।
पुलिस जांच में तेजी, सभी शूटरों की पहचान
अब तक की जांच में सभी छह शूटरों की पहचान हो चुकी है। इनमें शामिल हैं:
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तौसीफ बादशाह (मास्टरमाइंड)
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सोनू शूटर
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आकिब मलिक
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मुस्तकीम उर्फ कालू
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बलवंत सिंह उर्फ भिंडी
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एक अन्य शूटर, जिसकी भी पहचान हो चुकी है
STF ने शेरू सिंह से जेल में लंबी पूछताछ की है और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं। खबर यह भी है कि तौसीफ को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है।
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