स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक संबोधन
15 अगस्त 2025 को 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 100 वर्षों की सेवा यात्रा को देश के लिए गौरव का विषय बताया।
‘दुनिया का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन’
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में कहा कि, “सेवा, समर्पण, संगठन और अनुशासन — ये चार मूल्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की पहचान हैं।” उन्होंने संघ को “दुनिया का सबसे बड़ा NGO” बताया और कहा कि यह संगठन बिना किसी प्रचार-प्रसार के राष्ट्र सेवा में संलग्न है।
100 वर्षों की प्रेरणादायक यात्रा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “आज से 100 साल पहले, एक संगठन का जन्म हुआ था — राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। यह संगठन पिछले एक सदी से राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।” उन्होंने संघ के स्वयंसेवकों द्वारा देश की सेवा में किए गए योगदान की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण तक का संकल्प
मोदी ने अपने भाषण में यह भी कहा कि RSS ने व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण का मार्ग चुना। “हजारों स्वयंसेवकों ने अपने जीवन को मातृभूमि के कल्याण के लिए समर्पित किया है,” उन्होंने जोड़ा।
समर्पण और अनुशासन की मिसाल
प्रधानमंत्री ने कहा, “100 वर्षों की इस समर्पित यात्रा में संघ ने जो अनुशासन और संगठन का परिचय दिया है, वह प्रशंसनीय है। यह संगठन हर विपरीत परिस्थिति में भी समाज सेवा में आगे रहा है।”
देश को गर्व है संघ की सेवा पर
अपने भाषण के अंत में पीएम मोदी ने कहा, “मैं आज लाल किले की प्राचीर से उन सभी स्वयंसेवकों को नमन करता हूं जिन्होंने इस 100 वर्षों की यात्रा में राष्ट्र सेवा में योगदान दिया है। देश को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की इस भव्य सेवा यात्रा पर गर्व है।”