India में एक divorce celebration शायद सुनने में अजीब लगे, लेकिन Assam के एक आदमी ने इसे एक नए viral level पर पहुंचा दिया है। एक ऐसे दौर में जहां personal कहानियां social media पर तुरंत public हो जाती हैं, इस अनोखे event ने सबका ध्यान अपनी तरफ खींच लिया है। यह कहानी Assam के Nalbari जिले की है, जहां अपने official separation के बाद आज़ाद महसूस कर रहे एक शख्स ने 40 लीटर दूध से नहाकर अपनी नई ज़िंदगी की शुरुआत करने का फैसला किया। उसका यह कदम, जो उसकी निजी आज़ादी का प्रतीक था, अब एक national conversation बन गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना हाल ही में Assam के Nalbari जिले में हुई। एक लंबी और तनावपूर्ण कानूनी प्रक्रिया के बाद, एक स्थानीय आदमी का आखिरकार तलाक़ हो गया। उसके लिए, यह एक अंत नहीं बल्कि एक नई शुरुआत थी, एक ऐसे रिश्ते से मुक्ति जिसे उसने मानसिक रूप से थका देने वाला बताया। इस नई-मिली आज़ादी का जश्न मनाने के लिए, उसने एक अत्यंत प्रतीकात्मक और अनोखा तरीका चुना।
एक video जो तेज़ी से viral हो गया, उसमें वह शख्स खुशी से ढेर सारे दूध से नहाता हुआ दिख रहा है। उसकी खुशी साफ़ ज़ाहिर है क्योंकि वह उस चीज़ का जश्न मना रहा है जिसे वह एक जीत मानता है। उसने अपने इस कदम के पीछे का कारण बताते हुए दावा किया कि उसकी पत्नी बार-बार अपने प्रेमी के साथ भाग जाती थी, जिससे उसे काफ़ी परेशानी होती थी। यह divorce celebration उसका अतीत को धोकर एक नई शुरुआत करने का तरीका था।
एक नया Trend: The Rise of the Divorce Celebration
हालांकि इस आदमी का तरीका extreme था, लेकिन एक divorce celebration का concept दुनिया भर में और भारत में भी तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है। Psychologist (मनोवैज्ञानिक) सुझाव देते हैं कि ऐसे events भावनात्मक समापन (emotional closure) के लिए एक शक्तिशाली उपकरण हो सकते हैं। यह लोगों को ‘असफलता’ की कहानी से ‘शक्तिकरण’ (empowerment) और नए अवसरों की कहानी की तरफ बढ़ने में मदद करते हैं। जैसे-जैसे सामाजिक मापदंड बदल रहे हैं, लोग जीवन के बड़े बदलावों से निपटने के नए तरीके ढूंढ रहे हैं। भारत में बदलते सामाजिक प्रवृत्तियों पर अधिक जानकारी के लिए, आप पढ़ सकते हैं कि कैसे divorce parties लोकप्रिय हो रही हैं।
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Social Media पर मचा बवाल
Viral video ने reactions की आंधी ला दी। एक तरफ, कई users ने आदमी के जज़्बे की तारीफ़ की और इसे “move on करने का ultimate तरीका” बताया। उन्होंने इसे आत्म-प्रेम और हिम्मत का एक साहसी बयान माना। वहीं दूसरी तरफ, एक बड़ी संख्या में लोगों ने दूध बर्बाद करने के इस काम की आलोचना की। Comment करने वालों ने इशारा किया कि एक ऐसे देश में जहां कई लोग बुनियादी पोषण के लिए संघर्ष करते हैं, वहां एक ज़रूरी खाद्य पदार्थ को बर्बाद करना असंवेदनशील है यह एक महत्वपूर्ण चर्चा को जन्म देता है।
इस एक घटना ने निजी आज़ादी बनाम सामाजिक ज़िम्मेदारी पर बहस खोल दी है। आखिर इसकी सीमा कहां तय की जाए? हालांकि आदमी की खुशी उसकी अपनी है, लेकिन उसके जश्न के सार्वजनिक स्वरूप ने इसे एक नैतिक बहस का विषय बना दिया है।
अंत में, Assam का यह अजीब divorce celebration आधुनिक viral content का एक classic उदाहरण है। यह भावनात्मक, विवादास्पद, और गहरे तौर पर निजी है, फिर भी सभी के देखने और judge करने के लिए प्रसारित किया गया है। यह एक ऐसी दुनिया को दर्शाता है जहां खुशी या दुख की व्यक्तिगत अभिव्यक्तियां रातों-रात front-page की खबर बन सकती हैं।

